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शेयर बाजार में मचे हाहाकार की आखिर वजह क्या है? सामने आए ये प्रमुख कारण
शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिली है. दोनों प्रमुख सूचकांक यानी सेंसेक्स और निफ्टी पूरी तरह से लाल हो गए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
शेयर बाजार के लिए सप्ताह की शुरुआत बेहद खराब रही है. मार्केट बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. खबर लिखे जाने तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 1,136.62 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 331.90 अंकों की गिरावट आ चुकी थी. कारोबार की शुरुआत में ही BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 2 लाख करोड़ रुपए घटकर 475.78 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया था. सबसे ज्यादा गिरावट बैंकिंग, ऑटो और एनर्जी शेयरों में देखने को मिली है.
कमजोर वैश्विक संकेत
मार्केट में यह सुनामी कुछ कारणों से आई है, जिसमें सबसे प्रमुख है कमजोर ग्लोबल संकेत. वैश्विक स्तर, खासतौर पर एशियाई बाजारों में आई कमजोरी ने हमारे बाजार की चाल को काफी हद तक प्रभावित किया है. खबर लिखे जाने तक जापान के निक्केई-225 इंडेक्स में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली. कोरियाई बाजार भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं. उधर, अमेरिका का नैस्डैक इंडेक्स भी लाल रहा है. इसके अलावा, भारतीय बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से की गई बिकवाली के चलते भी मार्केट टूट गया.
बिकवाल बने FII
पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी 27 सितंबर को भी विदेशी निवेशकों ने करीब 1,209.10 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे. माना जा रहा है कि आज की बिकवाली उस आंकड़े से अधिक रह सकती है. विदेशी निवेशकों के बिकवाल बनने के पीछे एक अहम कारण चीनी बाजारों के बेहतर प्रदर्शन को बताया जा रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में हैंग सेंग इंडेक्स में लगभग 18% की तेजी आई है. दरअसल, चीन ने अर्थव्यवस्था के रिवाइवल के लिए हाल ही में मॉनिटरी पॉलिसी में बदलाव भी किया है, जिससे बाजार को मजबूती मिली है. ऐसे में विदेशी निवेशक हमारे बाजार से पैसा निकालकर चीनी मार्केट में लगा रहे हैं.
यह भी है एक कारण
बाजार में आज आई गिरावट की एक और वजह हाई वैल्यूएशन को भी माना जा रहा है. मार्केट एक्सपर्ट पिछले कुछ समय से शेयर बाजार के ऊंचे वैल्यूएशन पर चिंता जता रहे हैं. इस वजह से नए निवेशक मार्केट में निवेश को लेकर सतर्क हैं. इसके अलावा, कई सेक्टर्स में मुनाफावसूली भी देखने को मिल रही है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को भी इस गिरावट के कारण के तौर पर देखा जा रहा है. इजरायल द्वारा हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की हत्या के बाद से इस क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है. इजरायल के हमले अब भी जारी हैं. ऐसे में यह आशंका बनी हुई है कि ईरान इस लड़ाई में कूद जाए. यदि ऐसा होता है तो स्थिति बेहद और भी ज्यादा बिगड़ जाएगी.
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