होम / बिजनेस / बाजार को रास नहीं आई SBI की कामयाबी, फिर ये कंपनी निकल गई आगे 

बाजार को रास नहीं आई SBI की कामयाबी, फिर ये कंपनी निकल गई आगे 

शेयर बाजार में बुधवार को जहां एसबीआई के शेयरों में बढ़ते देखने को मिली थी वहीं गुरुवार को कंपनी अपनी बढ़त को बरकरार नहीं रख पाई. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बाजार की हलचल कब किसे कहां से कहां पहुंचा दे ये कोई नहीं जानता है. इस बात को वैसे तो सभी जानते हैं लेकिन बाजार समय समय पर इसका अहसास कराता रहता है. कुछ ऐसा ही बुधवार को देखने को मिला जब एसबीआई के शेयरों में उछाल के बाद वो मार्केट कैप में इंफोसिस से आगे निकल गया. लेकिन बाजार को शायद कुछ और ही पसंद था. इसलिए गुरुवार को एसबीआई शेयरों में ऐसी गिरावट हुई कि वो वापस अपनी जगह पर पहुंच गया. 

बुधवार को एसबीआई के शेयरों में हुआ इतना इजाफा 
बुधवार को एसबीआई के शेयरों में बड़ी बढ़त देखने को मिली थी. बैंक का शेयर ने अपने 52 हफ्तों के सबसे उंचे स्‍तर तक पहुंचते हुए 777.50 रुपये तक पहुंच गया था. वहीं अगर गुरुवार को देखें तो एसबीआई के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. बैंक का शेयर 762.40 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. शेयर को मिली इस हाइक से इंफोसिस के मुकाबले SBI का मार्केट कैप काफी आगे बढ़ गया था. 

कहां से कहां पहुंच गया था मार्केट कैप? 
अगर मार्केट कैप की बात करें तो बुधवार को जहां एसबीआई का मार्केट कैप 6,88,578.43 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था वहीं इंफोसिस का एमकैप 6,87,349.95 करोड़ रुपये पर था. लेकिन गुरुवार को फिर स्थिति में बदलाव दिखा और एसबीआई का मार्केट कैप 6.81 लाख करोड़ पहुंच गया जबकि इंफोसिस का मार्केट कैप 6.87 लाख करोड़ पर आ गया. इस उपलब्धि के साथ एसबीआई ने कल इंफोसिस को पीछे करते हुए पांचवा स्‍थान पा लिया था लेकिन गुरुवार को स्थिति फिर बदल गई.

मार्केट कैप में कौन हैं टॉप 10 कंपनियां? 
वहीं अगर मार्केट कैप के मामले में देश की टॉप 10 कंपनियों पर नजर डालें तो उसमें पहले स्‍थान पर रिलायंस और दूसरे स्‍थान पर टीसीएस है. इसी तरह तीसरे पर HDFC, चौथे पर ICICI, Infosys, SBI, LIC, Airtel, HUL और ITC शामिल हैं.  

ये भी पढ़ें:विवादों में घिरा कर्नाटक सरकार का फैसला, Infosys के पूर्व CEO ने ही उठा दिए सवाल… 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

5 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

8 hours ago

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

9 hours ago

OMCs की अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराया. इसके चलते कंपनियों को भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.

10 hours ago

अडानी पर निवेशकों का भरोसा बरकरार, ₹15,000 करोड़ के QIP पर ₹38,000 करोड़ की बोलियां

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट के निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस के भुगतान और अन्य पूंजीगत खर्चों में करेगी.

10 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

9 hours ago

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

5 hours ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

7 hours ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

8 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

8 hours ago