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भारत में फिनटेक क्षेत्र के लिए लॉन्च हुआ पहला स्व-नियामकीय संगठन, जानें इसका उद्देश्य
इंडिया फिनटेक फाउंडेशन (IFF) का गठन भारत के फिनटेक उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है. यह पहल कंपनियों और नियामकों के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत के फिनटेक उद्योग में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, इंडिया फिनटेक फाउंडेशन (IFF) के रूप में देश को पहला स्व-नियामकीय संगठन (Self-Regulatory Organisation for Fintech - SRO-FT) मिल गया है. इस संगठन को नई दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ (Startup Mahakumbh 2025) में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया, जहां उद्योग के प्रमुख हस्तियों और नीति निर्माताओं ने इसे सराहा. यह पहल भारतीय फिनटेक कंपनियों को अधिक सशक्त और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
साई सुधा चंद्रशेखरन के हाथों में संगठन की कमान
IFF की पहली CEO के रूप में साई सुधा चंद्रशेखरन को नियुक्त किया गया है. वे वाणिज्य मंत्रालय में एफडीआई (एशिया-प्रशांत) की पूर्व प्रमुख रह चुकी हैं, जिनके पास नीति और नियमन का गहरा अनुभव है. उनके नेतृत्व में यह संगठन फिनटेक कंपनियों और नियामकों के बीच सेतु की भूमिका निभाएगा.
उत्तरदायी नवोन्मेष’ की जरूरत पर जोर
IFF के चेयरमैन एनएस विश्वनाथन ने कहा, “यदि नवोन्मेष को उत्तरदायी नहीं बनाया गया तो यह दुर्घटना को बढ़ावा देगा. लिहाजा यह आवश्यक है कि जो भी नवोन्मेष हो, वह उत्तरदायी हो.” उनका मानना है कि SRO की भूमिका नवाचार और जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने में अहम होगी.
फिनटेक इंडस्ट्री के बड़े नाम बोर्ड में शामिल
IFF के मौजूदा बोर्ड में लेंडिंगकार्ट, जुपिटर, फाई मनी, वनकार्ड जैसी बड़ी फिनटेक कंपनियों के संस्थापक शामिल हैं. इसके साथ ही नियामकीय निकायों और बैंकों के सदस्य भी संगठन का हिस्सा हैं. इस समय IFF के पास 100 से अधिक सदस्य हैं.
भारत के शेरपा अमिताभ कांत की टिप्पणी
G20 में भारत के शेरपा अमिताभ कांत ने कहा, “हमने नवोन्मेष किया है और यह हमारे खून में है. हमें इसे जिम्मेदाराना ढंग से करना है.” उनके इस बयान ने साफ कर दिया कि सरकार नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उसकी जवाबदेही सुनिश्चित करने के पक्ष में है.
SRO की भूमिका क्या होती है?
SRO एक गैर-सरकारी संगठन होता है जो उद्योग मानकों को निर्धारित करता है, अनुपालन सुनिश्चित करता है और नियामकों व कंपनियों के बीच संवाद का माध्यम बनता है. यह प्रणाली खासतौर पर तेजी से विकसित होते क्षेत्रों जैसे कि फिनटेक में जरूरी मानी जाती है.
RBI की पहल और मौजूदा संगठन
इस नई पहल के साथ ही भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने फिनटेक एसोसिएशन फॉर कंज्यूमर एम्पावरमेंट (FACE) को भी SRO-FT के रूप में मान्यता दी है. वहीं, डिजिटल लेंडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (DLAI) अब एकीकृत फिनटेक फोरम के रूप में खुद को पुनः ब्रांडिंग की प्रक्रिया में है.
फंडिंग में गिरावट, लेकिन उम्मीद कायम
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Tracxn के मुताबिक, भारत के फिनटेक क्षेत्र में लगातार तीसरे साल फंडिंग में गिरावट आई है. वर्ष 2023 में फिनटेक स्टार्टअप्स ने केवल 2.8 अरब डॉलर जुटाए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 32% कम है. 2021 में यह आंकड़ा 8.3 अरब डॉलर था. वित्त मंत्रालय के अनुसार, भारत में कुल 10,244 फिनटेक इकाइयाँ हैं. ऐसे में SRO-FT जैसे संगठनों की भूमिका इन कंपनियों को दिशा देने, नियामकीय स्पष्टता और नवाचार को बढ़ावा देने में अहम साबित हो सकती है.
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