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₹23 लाख में मिलेगा दुबई का गोल्डन वीजा, भारत और बांग्लादेश में नामांकन प्रक्रिया शुरू
UAE की नई गोल्डन वीजा योजना भारतीयों के लिए दुबई में बिना प्रॉपर्टी या बिजनेस निवेश के बसने का आसान रास्ता खोलती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सरकार ने गोल्डन वीजा योजना में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई स्कीम लॉन्च की है, जिसके तहत अब भारतीय नागरिक सिर्फ नामांकन (Nomination) के आधार पर गोल्डन वीजा प्राप्त कर सकते हैं. पहले इसके लिए दुबई में महंगी प्रॉपर्टी खरीदनी या बड़ा बिजनेस इन्वेस्टमेंट करना अनिवार्य था. वहीं, नई योजना के अंतर्गत अब कोई भी योग्य भारतीय नागरिक सिर्फ 1 लाख दिरहम (लगभग 23.30 लाख रुपये) की फीस देकर यह वीजा हासिल कर सकता है, बशर्ते वह निर्धारित शर्तें पूरी करता हो.
भारत और बांग्लादेश में पहले चरण की शुरुआत
इस नई योजना की शुरुआत भारत और बांग्लादेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है. भारत में इस कार्यक्रम का संचालन Rayad Group नामक कंसल्टेंसी कर रही है. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर रैयद कमाल अयूब ने इसे भारतीयों के लिए दुबई में स्थायी रूप से बसने और काम करने का एक बड़ा अवसर बताया है.
आवेदन से पहले होगी पूरी जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Rayad Group हर आवेदक की विस्तृत पृष्ठभूमि जांच करेगा, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग, क्रिमिनल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की समीक्षा शामिल होगी. इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि आवेदक UAE की अर्थव्यवस्था और समाज में किस प्रकार योगदान दे सकता है- जैसे कि व्यापार, प्रोफेशनल सेवाएं, विज्ञान, संस्कृति या स्टार्टअप आदि, जांच के बाद आवेदन UAE सरकार को भेजा जाएगा, जो अंतिम निर्णय लेगी.
आवेदन कैसे करें?
जो व्यक्ति इस गोल्डन वीजा के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे भारत में One VASCO वीजा सेवा केंद्रों के जरिए या Rayad Group की वेबसाइट और कॉल सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. इस प्रक्रिया के लिए दुबई जाने की आवश्यकता नहीं है.
वीजा से मिलने वाले फायदे
- यह वीजा आजीवन वैध रहेगा.
- आवेदक अपनी फैमिली को दुबई ले जा सकता है.
- नौकर और ड्राइवर रखने की अनुमति मिलेगी.
- किसी भी बिजनेस या प्रोफेशनल सेवा में काम करने की आजादी मिलेगी.
- प्रॉपर्टी आधारित वीजा की तरह इसकी वैधता संपत्ति पर निर्भर नहीं होती.
भारत-UAE के मजबूत होते संबंध
इस योजना को भारत और UAE के बढ़ते रणनीतिक और व्यापारिक रिश्तों की एक मिसाल माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच 2022 में लागू हुए Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) के बाद आपसी सहयोग में लगातार वृद्धि देखी गई है.
Rayad Group का अनुमान है कि आने वाले तीन महीनों में कम से कम 5,000 भारतीय इस नॉमिनेशन-आधारित गोल्डन वीजा के लिए आवेदन करेंगे. यह स्कीम खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो दुबई में जीवन बसाना चाहते हैं लेकिन पहले निवेश की बड़ी बाधाओं के चलते यह सपना पूरा नहीं कर पाए थे.
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