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बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत, राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा– EU FTA से सेवा-उद्योग व विनिर्माण को रफ्तार
EU FTA जैसे वैश्विक समझौते, सामाजिक सुरक्षा के विस्तार, और माओवादी-न्यूनतम क्षेत्रों में कमी जैसे आंकड़े सरकार के विकास और सुधार एजेंडा को मजबूत करते हैं. अब संसद में बजट चर्चा और नीति प्रस्तावों के माध्यम से इन पहलों को और अधिक स्पष्ट रूप से आकार दिया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
संसद का बजट सत्र बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया. संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि देश में सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और लगभग 95 करोड़ नागरिक अब सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से निपटने में सफल रही है और सार्वजनिक धन के सही उपयोग को सुनिश्चित किया गया है.
बजट सत्र की शुरुआत, संसद में उपस्थित नेताओं का स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संसद परिसर में स्वागत उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया. इस अवसर पर ‘सेंगोल’ को लेकर एक अधिकारी भी मौजूद रहा, जिसे सरकार ने सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में अपनाया है. धुंध भरी सुबह के बीच राष्ट्रपति पारंपरिक शाही बग्घी में सवार होकर संसद पहुँचीं और अंगरक्षकों ने उन्हें एस्कॉर्ट किया.
सरकार का संदेश: ‘सुधार एक्सप्रेस’ की गति जारी
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार ‘सुधार एक्सप्रेस’ के पथ पर अग्रसर है और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पुराने नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि देश में इस समय 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं और भारत अपने स्वयं के स्पेस स्टेशन की स्थापना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
EU FTA से सेवाओं और विनिर्माण को मिलेगा लाभ
राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को गति देगा. इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते से भारत को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.
सुरक्षा और आतंकवाद पर सरकार का प्रभावी कदम
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षा बलों ने माओवादी आतंक पर निर्णायक कार्रवाई की है. उन्होंने बताया कि माओवादी आतंक की चुनौती 126 जिलों से घटकर केवल आठ जिलों तक सिमट गई है, जिनमें से तीन जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं. इस उपलब्धि को उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण बताया.
सामाजिक न्याय और गरीबी उन्मूलन में सरकार की उपलब्धि
राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण से हर नागरिक के जीवन में बदलाव लाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पारदर्शिता और ईमानदारी से काम करने के कारण करीब पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाए गए हैं.
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पिछले 10-11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है और यह वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य का मजबूत आधार है. उन्होंने बताया कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है और एक दशक में लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है.
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