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देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की तरफ से आया बड़ा अपडेट
गुजरात में बनने वाली सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्रीज, टेलीकॉम, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर में होगा. इसके साथ ही भारत ग्लोबल चेन का भी हिस्सा बनेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
टाटा समूह (Tata Group) की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) ने आज यानी गुरुवार को अपने सेमीकंडक्टर मिशन को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. कंपनी ने बताया कि उसने गुजरात के धोलेरा में भारत का पहला सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन (PSMC) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.
इतनी होगी प्लांट की क्षमता
सेमीकंडक्टर प्लांट को लेकर हुए इस समझौते के तहत PSMC ग्रीनफील्ड फैब के लिए डिजाइन और निर्माण विशेषज्ञता प्रदान करेगी. इस प्लांट की प्रोडक्शन क्षमता प्रति माह 50,000 वेफर तक होगी. टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की तरफ से बताया गया है कि ये फैसिलिटी एडवांस फैक्टरी ऑटोमेशन का भी लाभ उठाएगी, जिसमें एफिशिएंसी को ऑप्टेमाइज के लिए डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग को शामिल किया जाएगा.
20 हजार जॉब्स उत्पन्न होंगी
टाटा और PSMC के इस प्लांट में तैयार होने वालीं चिप्स AI, ऑटोमोटिव, कंप्यूटिंग और वायरलेस कम्युनिकेशन जैसे सेक्टर की जरूरतों को पूरा करेंगी. टाटा समूह का लक्ष्य इस प्रोजेक्ट के माध्यम से दुनियाभर के ग्लोबल ग्राहकों के लिए एक मजबूत और आसान सप्लाई सीरीज तैयार करना है. 91,000 करोड़ रुपए के निवेश से तैयार होने वाले इस प्लांट से 20,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां उत्पन्न होने का अनुमान है.
वेदांता ने बढ़ाया था पहला कदम
PSMC की बात करें, तो यह ताइवान की एक दिग्गज कंपनी है. 1994 में स्थापित यह कंपनी दुनिया की सेमीकंडक्टर चिप सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. पिछले साल तक कंपनी दुनिया की 8वीं सबसे बड़ी Semiconductor फाउंड्री थी. कंपनी विशेषतौर पर मेमोरी चिप और अन्य इंटीग्रेटेड सर्किट्स को बनाती एवं बेचती है. बता दें कि भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट की दिशा में पहला कदम वेदांता ने ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन के साथ मिलकर उठाया था, लेकिन बाद में दोनों का रिश्ता टूट गया. अब दोनों अलग-अलग आगे बढ़ रहे हैं.
फिलहाल ताइवान का दबदबा
गुजरात में बनने वाली सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्रीज, टेलीकॉम, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर में होगा. इसके साथ ही भारत ग्लोबल चेन का भी हिस्सा बनेगा. यानी एक तरह से भारत दुनिया की चिप संबंधी जरूरतों को भी पूरा करने की स्थिति में आ जाएगा. सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में फिलहाल ताइवान का दबदबा है. 2020 में इस इंडस्ट्री के वैश्विक रिवेन्यु में ताइवान की कंपनियों की हिस्सेदारी 60% से अधिक थी. Taiwan Semiconductor Manufacturing Co. (TSMC) दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर कंपनी है. कोरोना महामारी से पहले तक TSMC ग्लोबल मार्केट की 92 फीसदी डिमांड को पूरा कर रही थी. TSMC के क्लाइंट में Apple, Qualcomm, Nvidia, Microsoft, Sony, Asus, Yamaha, Panasonic जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं. ताइवान की UMC भी इस सेक्टर की लीडर है.
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