✕

होम / बिजनेस / ताइवान के भूकंप से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में हाहाकार, क्या महंगे होंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान?

ताइवान के भूकंप से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में हाहाकार, क्या महंगे होंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान?

ताइवान में पिछले 25 साल में आए सबसे बड़े 7.4 तीव्रता वाले भूकंप से चिप बनाने वाली कंपनियों में काम रोकना पड़ा है. इससे चिप सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बन गई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

ताइवान (Taiwan) में आए बड़े भूकंप ने जहां देश में भारी तबाही मचाई है. वहीं दूसरी ओर भयंकर भूकंप की वजह से भारत सहित दुनियाभर में सेमीकंडक्टर की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इस वजह से मोबाइल फोन, कंप्यूटर और दूसरे इलेक्ट्रिक उपकरण महंगे हो सकते हैं. बुधवार की सुबह ताईवान में 7.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है. यह 25 साल में वहां आया सबसे बड़ा भूकंप है. भूकंप की वजह से वहां पर सेमीकंडक्टर बनाने वाली दिग्गज कंपनियों को अपनी इकाइयां दूसरी जगह शिफ्ट करनी पड़ रही हैं. इस वजह से ग्लोबल मार्केट में सेमीकंडक्टर की कीमतें बढ़ने के आसार हैं.

भूकंप का पड़ा व्यापक असर

एडवांस चिप बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) ने भूकंप के बाद कई प्लांट में मशीनें बंद कर दीं और कर्मचारियों को सुरक्षित जगहों पर ले जाना पड़ा. चिप बनाने वाली कई और कंपनियों को भी ऐसा करना पड़ा है. प्लांट क्षतिग्रस्त न होने के बावजूद ग्लोबल चिप सप्लाई प्रभावित होने का डर है. माना जा रहा है कि उत्पादन दोबारा शुरू करने से पहले प्लांट की गहन जांच की जाएगी और स्थिति सामान्य होने में कई हफ्ते लग सकते हैं. 

चिप मैन्युफैक्चरिंग का हब है ताइवान

TSMC और ASE टेक्नोलॉजी होल्डिंग कंपनी सहित ताइवानी कंपनियां वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार का हब हैं. यह अनुमान लगाया गया है कि स्मार्टफोन और AI-रनिंग सुपर कंप्यूटर को पावर देने वाले सभी सिलिकॉन चिप्स के लगभग 80-90 फीसद ताइवान से आते हैं. एपल (Apple), क्वालकॉम (Qualcomm), एनवीडिया (Nvidia) और एएमडी (AMD) जैसी बड़ी टेक कंपनियां TSMC के चिप्स का प्रयोग करती हैं. AI इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले सेमीकंडक्टर का निर्माण भी यह कंपनी करती है. मोबाइल फोन, कार, वाशिंग मशीन जैसे रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों से लेकर रक्षा उपकरण तक सबमें चिप का प्रयोग हो रहा है.

भूकंप के बाद कंपनियों ने क्या कहा?

भूकंप के केंद्र के करीब कम ही चिप निर्माता कंपनियां हैं और इनमें शामिल कंपनियां ने कहा कि उन्होंने अपने कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स खाली कर दिए है. TMCS ने भूकंप के बाद एक बयान जारी कर कहा कि उसके प्रोडक्शन प्लांट्स पर काम रुका हुआ है. लेकिन निरीक्षण के बाद फिर काम शुरू हो जाएगा. सेमीकंडक्टर इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म TechInsights ने कहा लेकिन भूकंप के बाद चिप निर्माण फिर से चालू करना इसमें शामिल सभी लोगों के लिए वास्तविक एक सरदर्द बनने वाला है.

क्या महंगे हो जाएंगे फोन और कंप्यूटर?

स्मार्टफोन्स से लेकर कार, डाटा सेंटर्स, कंप्यूटर-लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्ट डिवाइसेज से लेकर ऑटोमोबाइल तक में इन चिप्स का उपयोग होता है. एक अनुमान के मुताबिक इसकी अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत में 2026 तक इसका बाजार 63 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा. अब ताईवान में भयंकर भूकंप की वजह से भारत सहित दुनियाभर में सेमीकंडक्टर की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है और इससे मोबाइल फोन, कंप्यूटर और दूसरे इलेक्ट्रिक उपकरण महंगे होने की संभावना भी बढ़ गई है. 

क्या होती है सेमीकंडक्टर चिप?

सेमीकंडक्टर चिप सिलकॉन से तैयार की जाती है और इसका इस्तेमाल डाटा प्रोसेसिंग के लिए किया जाता है. इसलिए सेमीकंडक्टर चिप के बिना स्मार्टफोन और स्मार्ट कारों की कल्पना नहीं की जा सकती. सेमीकंडक्टर चिप की उपयोगिता के बारे में बात करें तो अगर किसी वजह से सेमीकंडक्टर चिप का प्रोडक्शन कम हो जाए तो मोबाइल और कारों का प्रोडक्शन अपने आप कम हो जाता है. इसका नजारा दुनिया ने कोरोना (Covid) के समय देखा था.

ये भी देंखें- Yes Bank पर लगाया है दांव, तो पढ़ लें ये खबर; वरना पड़ेगा पछताना!
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

5 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

8 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

8 hours ago

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

8 hours ago

IRDAI के प्रस्तावित सुधारों पर IBAI की चिंता, PM मोदी से कहा- 10 लाख नौकरियों पर पड़ सकता है असर

इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कमीशन कैप और खर्च सीमा में बदलाव टालने की मांग की, 2028 तक मौजूदा व्यवस्था जारी रखने की अपील

12 hours ago


बड़ी खबरें

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

8 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

8 hours ago

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

5 hours ago

RBI MPC से पहले रियल्टी की उम्मीदें, 5.25% पर रेपो रेट रहने से होमबायर्स का भरोसा बढ़ने की आस

त्योहारी सीजन में घर खरीदारी के बीच रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर RBI के फैसले पर, स्थिर दरों से EMI, अफोर्डेबिलिटी और हाउसिंग डिमांड को मिल सकता है सहारा

7 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

8 hours ago