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स्पाइसजेट की मुश्किलें बढ़ीं, सरकार और डीजीसीए ने वित्तीय-परिचालन स्थिति पर कसी नजर
जुलाई में स्पाइसजेट की घरेलू बाजार हिस्सेदारी घटकर 1.6% हुई, परिचालन बेड़े पर दबाव जारी
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
केंद्र सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) स्पाइसजेट के वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन पर करीबी नजर रख रहे हैं. नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने गुरुवार को कहा कि बजट एयरलाइन के बेड़े और घरेलू बाजार हिस्सेदारी पर लगातार दबाव बना हुआ है.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में स्पाइसजेट की घरेलू बाजार हिस्सेदारी घटकर 1.6 प्रतिशत रह गई, जो जून में 1.9 प्रतिशत थी. परिचालन के लिए उपलब्ध विमानों की संख्या में कमी के बीच साल की शुरुआत से एयरलाइन की बाजार हिस्सेदारी में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है.
वेतन भुगतान में देरी की भी रिपोर्ट
स्पाइसजेट वित्तीय चुनौतियों का भी सामना कर रही है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एयरलाइन के कुछ कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी हुई है. रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कुछ कर्मचारियों को मई से वेतन नहीं मिला है.
विमान ट्रैकिंग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, स्पाइसजेट के पास फिलहाल 11 परिचालन विमान हैं. साल की शुरुआत से एयरलाइन की घरेलू बाजार हिस्सेदारी में काफी गिरावट आई है. इस दौरान उसे इंडिगो और एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइनों से भी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है.
सर्दियों के मौसम से पहले बेड़ा बढ़ाने की योजना
स्पाइसजेट ने आगामी सर्दियों के यात्रा मौसम से पहले अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं. 3 सितंबर को एयरलाइन ने तीन विमान ऑपरेटरों के साथ 20 विमानों के लिए लीज समझौतों को अंतिम रूप दिया.
इस योजना के तहत 15 बोइंग और 5 एयरबस विमानों को वेट लीज व्यवस्था के तहत बेड़े में शामिल किया जाएगा. इन विमानों के अक्टूबर के मध्य से नवंबर के मध्य के बीच चरणबद्ध तरीके से बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है.
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बढ़ सकती है क्षमता
अतिरिक्त विमानों के शामिल होने से सर्दियों के यात्रा मौसम और उसके बाद गर्मियों के व्यस्त सीजन के दौरान स्पाइसजेट के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में क्षमता बढ़ने की उम्मीद है. यह बेड़ा विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब एयरलाइन अपने परिचालन बेड़े और यात्री यातायात में लंबे समय से जारी गिरावट के बाद परिचालन क्षमता को दोबारा मजबूत करने और बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश कर रही है.
सरकार की निगरानी बढ़ने का संकेत
स्पाइसजेट की वित्तीय स्थिति और परिचालन पर सरकार की लगातार निगरानी से एयरलाइन पर नियामकीय नजर बढ़ने का संकेत मिलता है. एयरलाइन फिलहाल अपने परिचालन को स्थिर करने और उड़ान क्षमता बहाल करने की कोशिश कर रही है.
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