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खोया मुकाम वापस पाने की कोशिश, धड़ाधड़ विवाद निपटा रही SpiceJet
स्पाइसजेट ने एक और विवाद का सफलतापूर्वक निपटारा कर लिया है. कंपनी ने कुछ वक्त पहले क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिये 3000 करोड़ रुपए जुटाए थे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
लो-कॉस्ट एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) अपने अच्छे दिनों को वापस लाने की कोशिश में पूरी शिद्दत से जुटी हुई है. कंपनी लगातार विवादों का शांतिपूर्ण हल निकाल रही है. अब खबर है कि उसने विमान लीज पर देने वाली दो कंपनियों - एयरकैसल और विलमिंगटन ट्रस्ट के साथ 2.339 करोड़ अमेरिकी डॉलर के विवाद को भी सुलझा लिया है. इससे पहले स्पाइसजेट ने अमेरिकी कंपनी बीबीएएम के साथ भी विवाद का सौहार्दपूर्ण निपटारा किया था.
अदालत से बाहर सैटलमेंट
स्पाइसजेट की तरफ से बताया गया है कि समझौते के तहत दोनों पक्ष संबंधित मुकदमे और विवाद सभी उचित मंचों पर वापस लेंगे. स्पाइसजेट ने आयरलैंड की एयरकैसल डेजिग्नेटेड एक्टिविटी कंपनी और डबलिन की विलमिंगटन ट्रस्ट एसपी सर्विसेज लिमिटेड के साथ 2.339 करोड़ यूएस डॉलर के विवाद को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है. इसके तहत कुल 50 लाख डॉलर का भुगतान किया गया है और कुछ विमान इंजनों से संबंधित मुद्दे भी हल हो गए हैं. एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष सौहार्दपूर्ण बातचीत के जरिए इस समझौते पर पहुंचे हैं और मामले को अदालत के बाहर सुलझाने का विकल्प चुना है.
16% थी बाजार हिस्सेदारी
स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह का कहना है कि हमने एयरकैसल और विलमिंगटन ट्रस्ट के साथ लंबे समय से जारी विवाद को सुलझा लिया है. इस महत्वपूर्ण समझौते के साथ स्पाइसजेट अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के साथ ही अधिक मजबूत भविष्य के लिए आधार तैयार करने में लगी है. जानकारों का मानना है कि जिस तेजी से स्पाइसजेट अपने पुराने विवाद सुलझा रही है, वो दर्शाता है कि कंपनी जल्द से जल्द आकाश में अपनी खोई जगह वापस पाना चाहती है. कोरोना महामारी से ठीक पहले स्पाइसजेट ने मार्च 2020 में 16 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी हासिल कर ली थी, लेकिन अब यह काफी कम हो गई है.
ELFC से भी सुलझा विवाद
इससे पहले, स्पाइसजेट ने विमान लीज पर देने वाली कंपनी बैबकॉक एंड ब्राउन एयरक्राफ्ट मैनेजमेंट (BBAM) के साथ 13.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर का विवाद सुलझाने की घोषणा की थी. इसी तरह, कंपनी ने 24 सितंबर को बताया था कि उसने इंजन लीज फाइनेंस कॉरपोरेशन (ELFC) के साथ विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया है. ईएलएफसी ने पहले 16.7 मिलियन डॉलर का दावा किया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच समझौता एक अज्ञात राशि पर हुआ है, जो प्रारंभिक दावे से कम है. पिछले महीने स्पाइसजेट न सूचना दी थी कि उसने अपना गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) का 145 करोड़ रुपए से अधिक का पूरा बकाया चुका दिया है. साथ ही सैलरी का भी भुगतान कर दिया गया है.
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