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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बने टैक्स चोरी के खिलाफ सरकार का नया हथियार, जानिए कैसे?
सरकार की यह नई रणनीति न केवल टेक्नोलॉजी के आधुनिक उपयोग को दर्शाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि टैक्स चोरी अब किसी भी डिजिटल कोने में छुपी नहीं रह पाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
अब टैक्स चोरी और काले धन को छिपाना पहले जितना आसान नहीं होगा. सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ताकत को हथियार बना लिया है. खुलासा किया कि WhatsApp, Instagram और Google Maps जैसे एप्स की मदद से टैक्स चोरी के मामलों का पर्दाफाश किया जा रहा है. टेक्नोलॉजी के इस इस्तेमाल से न सिर्फ बेनामी संपत्तियों का पता चल रहा है, बल्कि क्रिप्टो और कैश जैसे काले धन के जाल को भी उजागर किया जा रहा है. यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में इनकम टैक्स बिल 2025 पर चर्चा के दौरान दी है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
Google Maps और इंस्टाग्राम से मिली अहम जानकारियां
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि Google Maps की मदद से उन स्थानों की पहचान हुई जहां बड़ी मात्रा में नकदी छिपाई गई थी. वहीं, Instagram अकाउंट्स के जरिए बेनामी संपत्ति के मालिकों का खुलासा हुआ. इसके अलावा, WhatsApp मैसेज के विश्लेषण से क्रिप्टो एसेट्स से जुड़े 200 करोड़ रुपये के काले धन का पता चला.
एन्क्रिप्टेड मैसेज और टेक्नोलॉजी से हो रही कार्रवाई
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि Encrypted चैट्स की जांच से 250 करोड़ रुपये का ब्लैक मनी सामने आया है. उन्होंने कहा, "टैक्स अधिकारी अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं और यह जरूरी है कि उन्हें डिजिटल रिकॉर्ड तक पहुंच दी जाए. इससे टैक्स चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाई जा सकेगी."
नया बिल देगा जांच एजेंसियों को और ताकत
इनकम टैक्स बिल 2025 के तहत अधिकारियों को WhatsApp, Telegram, ईमेल और अन्य डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स तक एक्सेस का अधिकार मिलेगा. वे उन बिजनेस सॉफ्टवेयर और सर्वर्स की भी जांच कर सकेंगे, जिनका उपयोग फर्जी वित्तीय लेनदेन को छिपाने के लिए किया जाता है. सीतारमण ने कहा, “सरकार टेक्नोलॉजी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है. यह पहल उन लोगों के लिए है जो ईमानदारी से टैक्स भरते हैं. हमारा उद्देश्य है कि कोई भी वर्चुअल एसेट्स जैसे क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करके टैक्स चोरी न कर सके.”
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