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स्किल इंडिया को मिलेगा नया जोश: 5 हजार युवाओं के लिए EV, AI और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग शुरू
स्टैंडर्ड चार्टर्ड और संभव फाउंडेशन की यह साझेदारी युवाओं, महिलाओं और भारत की स्किल इकॉनॉमी के लिए एक नया अध्याय है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और संभव फाउंडेशन ने मिलकर एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है. इस संयुक्त प्रयास के तहत भारत के 5,160 युवाओं को भविष्य की मांग वाली तकनीकी स्किल्स जैसे इलेक्ट्रिक वाहन (EV), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी और डेटा एनालिटिक्स में प्रशिक्षित किया जाएगा. तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
युवाओं को मिल रही हाई-टेक ट्रेनिंग
यह तीन साल का प्रोग्राम नोएडा, मुंबई, पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और असम के तिनसुकिया में संचालित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य युवाओं को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना है. यह प्रोजेक्ट न केवल स्किल ट्रेनिंग पर केंद्रित है, बल्कि जॉब प्लेसमेंट के माध्यम से प्रतिभागियों को रोजगार के अवसरों से भी जोड़ता है.
यह पहल स्किल इंडिया मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका मकसद युवाओं को रोजगार योग्य बनाना है. खास बात यह है कि इस प्रोग्राम में 51% महिलाएं शामिल हैं, जिससे लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलता है.
सस्टेनेबिलिटी और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में सस्टेनेबिलिटी हेड करुणा भाटिया ने कहा, “हमारा मकसद युवाओं को ऐसी स्किल्स देना है, जो उन्हें तेजी से बदलती दुनिया में आगे बढ़ाएं. यह साझेदारी वंचित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देती है.”
पहले भी मिल चुके हैं प्रभावशाली परिणाम
स्टैंडर्ड चार्टर्ड और संभव फाउंडेशन की साझेदारी पहले भी 2,280 युवाओं को बैंकिंग, वित्त और डेटा एनालिसिस जैसे क्षेत्रों में ट्रेनिंग दे चुकी है. इसके अतिरिक्त, 613 युवाओं को EV सेक्टर में तैयार किया गया है. अब तक 'फ्यूचरमेकर्स' प्रोग्राम के तहत 51,195 से अधिक युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी जा चुकी है, जिनमें से अधिकांश महिलाएं हैं.
भारत के भविष्य को नई दिशा
EV और AI जैसे क्षेत्रों में स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार कर यह साझेदारी भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी और ग्रीन इनोवेशन लीडर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है. यह पहल न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली आर्थिक तरक्की की नींव भी रख रही है.
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