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पहले दिन उम्मीद से मिला बहुत कम, क्या Hyundai IPO पर दांव लगाना है सही?

हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ को लेकर जैसी बेकरारी नज़र आ रही थी, वो कल दिखाई नहीं दी. आईपीओ पहले दिन केवल 18% ही सब्सक्राइब हो पाया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

देश के सबसे बड़े आईपीओ को निवेशकों की ठंडी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा है. हुंडई मोटर इंडिया कल यानी मंगलवार को अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी IPO लॉन्च किया था. निवेशक लंबे समय से इस आईपीओ का इंतजार कर रहे थे, लिहाजा उम्मीद थी कि आईपीओ के लिए उम्मीद से ज्यादा बोलियां मिलेंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पहले दिन आईपीओ केवल 18% ही सब्सक्राइब हो पाया. ऐसे में यह सवाल लाजमी हो जाता है कि क्या IPO पर दांव लगाया जाना चाहिए?

कल है आखिरी दिन
Hyundai IPO में 17 अक्तूबर तक दांव लगाया जा सकता है. यानी निवेशकों के पास आज और कल का ही दिन बचा है. इस आईपीओ में हुंडई इंडिया की पैरेंट कंपनी हुंडई मोटर ग्लोबल ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत अपने 14.2 करोड़ शेयर बेच रही है. ऐसे में आईपीओ से होने वाली कमाई सीधे हुंडई इंडिया के पास नहीं आएगी. हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि इस रकम का इस्तेमाल अनुसंधान एवं विकास और नए इनोवेटिव उत्पादों के लिए किया जाएगा. 

भारत में मजबूत ब्रैंड 
कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 1865-1960 रुपए प्रति शेयर का प्राइज बैंड तय किया है. आपको कम से कम 7 शेयरों वाले एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी. आईपीओ को पहले दिन मिले ठंडे रिस्पांस से पता चलता है कि निवेशक इस पर दांव लगाने को लेकर कन्फ्यूज हैं. उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि यह सौदा सही रहेगा या नहीं? हालांकि, अधिकांश एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसमें लंबी अवधि के लिए निवेश किया जा सकता है. उनके मुताबिक, हुंडई भारत में एक मजबूत ब्रैंड बन चुकी है. कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो भी स्ट्रांग है. 

ऐसी है आर्थिक स्थिति 
एक रिपोर्ट के अनुसार, आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने हुंडई के आईपीओ पर दांव लगाने की सलाह दी है. कंपनी की आर्थिक स्थिति की बात करें, तो जून 2024 को समाप्त तिमाही के लिए हुंडई इंडिया ने 17,344 करोड़ रुपए का रिवेन्यु दर्ज किया. जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 16,624 करोड़ था. कुल रिवेन्यु में घरेलू बाजार से 76% का योगदान था. इस दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 1,489.65 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 1,329.19 करोड़ रहा था.


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