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फ्रंट-रनिंग मामले में केतन पारिख को झटका, SAT ने खारिज की अपील
सेबी के आदेश के खिलाफ दाखिल की थी अपील, कैपिटल ग्रुप के दो ट्रेडर्स से जिरह की मांग को भी नहीं मिली मंजूरी
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 hours ago
फ्रंट-रनिंग मामले में शेयर बाजार के चर्चित कारोबारी केतन पारिख को बड़ा झटका लगा है. प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) ने सेबी के उस फैसले के खिलाफ उनकी अपील खारिज कर दी है, जिसमें उन्हें कैपिटल ग्रुप के दो ट्रेडर्स से क्रॉस-एग्जामिनेशन यानी जिरह की अनुमति देने से इनकार किया गया था.
यह मामला जनवरी 2025 में सेबी की ओर से जारी अंतरिम आदेश से जुड़ा है. इस आदेश में केतन पारिख और सिंगापुर के ट्रेडर रोहित सालगावकर को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया था. दोनों पर आरोप था कि उन्होंने अमेरिका स्थित एक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक के ट्रेड में फ्रंट-रनिंग की थी. यह एफपीआई दुनियाभर में करीब 2.5 लाख करोड़ डॉलर की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करता है.
65.77 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप
सेबी ने कथित फ्रंट-रनिंग योजना के जरिए हुई 65.77 करोड़ रुपये की गैर-कानूनी कमाई को वापस करने का भी निर्देश दिया था. हालांकि, सेबी का जनवरी 2025 का आदेश अंतरिम था और मामले में अंतिम आदेश आना अभी बाकी है. SAT के पीठासीन अधिकारी न्यायमूर्ति पीएस दिनेश कुमार ने मौखिक आदेश में कहा कि कानून की स्थिति स्पष्ट है. एक बार सुनवाई पूरी हो जाने के बाद याचिकाकर्ता के पास केवल अंतिम आदेश को चुनौती देने का अधिकार बचता है.
न्यायाधिकरण ने कहा कि इस स्थिति में मामले की सुनवाई पूरी होने और आदेश सुरक्षित रखे जाने के बाद दो इकाइयों से जिरह की मांग करना उचित नहीं है. इसी आधार पर पारिख की अपील खारिज कर दी गई.
सेबी ने जिरह की मांग का किया था विरोध
केतन पारिख ने मामले में कैपिटल ग्रुप के दो ट्रेडर्स से जिरह करने की अनुमति मांगी थी. हालांकि, सेबी ने उनकी इस मांग का विरोध किया था. नियामक का कहना था कि इन दोनों ट्रेडर्स के बयानों का इस्तेमाल पारिख के खिलाफ किसी प्रतिकूल निष्कर्ष के लिए नहीं किया गया है. ट्रेडर्स ने अपने बयानों में स्पष्ट रूप से कहा था कि वे केतन पारिख को नहीं जानते.
सेबी ने यह भी कहा था कि जनवरी 2025 के अंतरिम आदेश में इन दोनों ट्रेडर्स के नाम तक शामिल नहीं थे. ऐसे में उनके साथ जिरह की मांग का कोई आधार नहीं बनता.
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