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बाजार में बिकवाली का दबाव बरकरार, ग्लोबल संकेत कमजोर; निवेशकों की नजर इन बड़े ट्रिगर्स पर
सोमवार को सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी टूटकर 22,780.25 पर आ गया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई तेज गिरावट के बाद मंगलवार के कारोबार में भी दबाव बने रहने के संकेत हैं. सोमवार को सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी टूटकर 22,780.25 पर आ गया. दोनों प्रमुख सूचकांक करीब छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए. इस भारी गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 8 लाख करोड़ रुपये घट गया.
मंगलवार की शुरुआत से पहले ग्लोबल संकेत भी बाजार के पक्ष में नहीं हैं. अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए. डॉव जोन्स 0.67 फीसदी, एसएंडपी 500 करीब 0.77 फीसदी और नैस्डैक 0.92 फीसदी नीचे रहे. एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली. जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी दबाव में कारोबार कर रहे थे. वहीं, गिफ्ट निफ्टी करीब 22,800-22,820 के आसपास बना हुआ था.
सोमवार को 30 में से 29 सेंसेक्स शेयर टूटे
सोमवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 गिरावट के साथ बंद हुए. इन्फोसिस एकमात्र ऐसा शेयर रहा, जो करीब 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ. निफ्टी में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, इन्फोसिस और एचडीएफसी लाइफ ने अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई, जबकि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, अडानी एंटरप्राइजेज, जियो फाइनेंस, पावरग्रिड और लार्सन एंड टुब्रो पर दबाव रहा.
₹8 लाख करोड़ घटा बाजार का मार्केट कैप
सोमवार की बिकवाली का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 8 लाख करोड़ रुपये घटकर लगभग 474 लाख करोड़ रुपये रह गया. यानी एक ही कारोबारी सत्र में बाजार की कुल वैल्यू में इतनी बड़ी कमी दर्ज की गई.
महंगा क्रूड बाजार के लिए बड़ी चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारतीय बाजार के लिए प्रमुख चिंता बनी हुई है. ब्रेंट क्रूड करीब 105-106 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा है. पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी अनिश्चितता के कारण तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए लंबे समय तक ऊंची कीमतें आयात बिल और महंगाई पर दबाव डाल सकती हैं.
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और रुपये की चाल पर नजर
अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड करीब 5.24 फीसदी के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी के प्रवाह पर असर पड़ सकता है. दूसरी ओर, डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर बना हुआ है. सोमवार को रुपया 28 पैसे गिरकर 96.03 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
एफआईआई की बिकवाली भी बनी चुनौती
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली घरेलू बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना रही है. सितंबर में अब तक विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयरों से निकासी 25,682 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. ऐसे में बाजार की दिशा तय करने में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी अहम रहेंगी.
आज किन शेयरों पर रहेगी नजर?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार को कई शेयर कॉरपोरेट गतिविधियों और महत्वपूर्ण कारोबारी घोषणाओं के चलते फोकस में रहेंगे. होनासा कंज्यूमर में करीब 400 करोड़ रुपये की संभावित ब्लॉक डील और क्यूब हाईवेज ट्रस्ट में करीब 688 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बिक्री की खबर पर नजर रहेगी. टाटा समूह की कंपनियां टाटा संस के प्रस्तावित रणनीतिक पुनर्गठन के चलते चर्चा में रहेंगी. रेडिको खेतान के ब्रिटेन में विस्तार, एचसीएल टेक्नोलॉजीज की सॉफ्टवेयर इकाई के रोबोटिक डॉट एआई के अधिग्रहण और आईटीसी द्वारा स्प्राउटलाइफ फूड्स में 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की खबरें भी शेयरों को प्रभावित कर सकती हैं. आईआरएफसी का दामोदर वैली कॉरपोरेशन के साथ 4,200 करोड़ रुपये का टर्म लोन समझौता, एलेनबैरी इंडस्ट्रियल गैसेज को बीएचईएल से मिला 481 करोड़ रुपये का ऑर्डर और एनसीसी को मिला 1,076.71 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट भी बाजार के रडार पर रहेगा. इसके अलावा अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस से जुड़े सेबी मामलों के निपटारे तथा ओला इलेक्ट्रिक के 1,000 करोड़ रुपये तक के प्रस्तावित राइट्स इश्यू से जुड़ी खबरों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी.
आज बाजार के लिए ये संकेत रहेंगे अहम
मंगलवार के कारोबार में ग्लोबल बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये की स्थिति और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री प्रमुख संकेतक रहेंगे. इसके अलावा पश्चिम एशिया से जुड़ी किसी भी नई खबर का असर बाजार की धारणा पर पड़ सकता है. सोमवार की तेज गिरावट के बाद मंगलवार को बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की स्थिति में निवेशकों की नजर इन सभी ट्रिगर्स पर रहेगी.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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