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पर्यटन के लिए राष्ट्रीय डिजिटल ढांचा शुरू, 2028 तक 23 हजार अनुभव और होमस्टे डिजिटल नेटवर्क से जुड़ेंगे
राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन ढांचा पर्यटन मंत्रालय और ONDC मिलकर विकसित कर रहे हैं. इसके जरिए अलग-अलग जगहों पर बिखरी पर्यटन सेवाओं को साझा डिजिटल बुनियादी ढांचे से जोड़ा जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
केंद्र सरकार ने पर्यटन क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की शुरुआत की है. इसका लक्ष्य दिसंबर 2028 तक 23,000 पर्यटन अनुभवों और होमस्टे को एक साझा डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना है. पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, इस पहल के तहत पर्यटकों को अलग-अलग डिजिटल मंचों के बजाय एक साझा नेटवर्क के माध्यम से पर्यटन सेवाओं को खोजने और बुक करने की सुविधा मिलेगी.
पर्यटन सेवाओं को एक डिजिटल नेटवर्क पर लाने की तैयारी
राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन ढांचा पर्यटन मंत्रालय और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) मिलकर विकसित कर रहे हैं. इसके जरिए अलग-अलग जगहों पर बिखरी पर्यटन सेवाओं को साझा डिजिटल बुनियादी ढांचे से जोड़ा जाएगा.
इस पहल के तहत 14,000 पर्यटन अनुभवों और 9,000 होमस्टे को डिजिटल नेटवर्क पर लाने का लक्ष्य रखा गया है. खास तौर पर उन पर्यटन अनुभवों पर ध्यान दिया जाएगा, जो अभी डिजिटल रूप से उपलब्ध नहीं हैं या जिनकी ऑनलाइन मौजूदगी सीमित है. पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के भारत मंडपम में इस परियोजना की शुरुआत की.
पहचान से लेकर भुगतान और शिकायत निवारण तक की सुविधा
मंत्रालय के अनुसार, ओएनडीसी और इंटरनेशनल सेंटर फॉर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन एंड एडवांसमेंट (आईसीडीआईए) के सहयोग से विकसित किए जा रहे इस डिजिटल ढांचे में कई सुविधाएं शामिल होंगी. इनमें सत्यापित पहचान और सेवा प्रदाताओं की जानकारी, खोज और सेवा चयन, भुगतान, रेटिंग और शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि इस पहल के सामने वाले हिस्से में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल किया जाएगा. सरकार की व्यापक योजना भविष्य में ‘एक टिकट, एक पास’ व्यवस्था विकसित करने की है, जिससे पर्यटक की यात्रा के अलग-अलग हिस्सों को एक-दूसरे से जोड़ा जा सके.
उन्होंने कहा कि फिलहाल उड़ान, होटल, टैक्सी, नाव की सवारी या किसी मंदिर में आरती जैसी सेवाओं की बुकिंग के लिए अलग-अलग वेबसाइटों का इस्तेमाल करना पड़ता है. इस बिखरी हुई व्यवस्था के कारण यात्रा की योजना बनाना पर्यटकों के लिए डिजिटल रूप से मुश्किल हो जाता है.
तीन चरणों में लागू होगी योजना
परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच इसकी तैयारी और विकास का काम होगा. इसके बाद जनवरी से जून 2027 के बीच पायलट चरण चलाया जाएगा, जिसमें पर्यटन अनुभवों और होमस्टे का पहला समूह डिजिटल नेटवर्क पर उपलब्ध कराया जाएगा.
जुलाई 2027 से दिसंबर 2028 के बीच देशभर में इसका विस्तार किया जाएगा और अधिक से अधिक पर्यटन सेवाओं को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा.
मंत्रालय के अनुसार, परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है. पर्यटन मंत्रालय इसका नेतृत्व करेगा और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के साथ मिलकर पर्यटन अनुभवों को सूचीबद्ध और सत्यापित करेगा. पर्यटन उद्योग की भागीदारी के लिए एक संचालन समिति भी बनाई जाएगी.
कम चर्चित पर्यटन स्थलों पर भी बढ़ेगा ध्यान
सरकार का कहना है कि इस डिजिटल बुनियादी ढांचे का उद्देश्य पर्यटन की योजना और यात्रा को आसान, सुरक्षित और पर्यटकों की पसंदीदा भाषाओं में अधिक सुलभ बनाना है. इससे कागजी प्रक्रिया कम करने और कम चर्चित पर्यटन स्थलों तक पहुंच बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.
यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है, जब सरकार देश के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों से आगे पर्यटन गतिविधियों का विस्तार करने और स्थानीय समुदायों तथा छोटे पर्यटन कारोबारियों तक आर्थिक अवसर पहुंचाने पर जोर दे रही है.
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पर्यटक अब स्थानीय खान-पान, कला, परंपराओं और अन्य स्थानीय अनुभवों को भी यात्रा का हिस्सा बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि भारत में पर्यटन के अगले चरण में विकास का लाभ लोकप्रिय पर्यटन स्थलों से आगे स्थानीय समुदायों, उद्यमियों, महिलाओं और युवाओं तक पहुंचना जरूरी है.
दो अन्य पर्यटन पहलों की भी शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान सरकार ने ‘कम चर्चित पर्यटन स्थलों की मांग बढ़ाने के लिए पर्यटन मांग पुनर्वितरण मिशन’ और ‘देखो अपना देश 2.0’ की भी शुरुआत की. इस अवसर पर ‘भारत पर्यटन सांख्यिकी 2026’ जारी की गई. इसके अलावा एयरबीएनबी, फ्लिक्सबस, ग्लांस डिजिटल एक्सपीरियंस, आइशर ग्रुप फाउंडेशन और मेकमायट्रिप के साथ पांच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया गया. इन समझौतों का उद्देश्य पर्यटन स्थलों के प्रचार, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना है.
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