होम / बिजनेस / ₹20,000 करोड़ से ज्यादा AUM वाले इंडेक्स पर सेबी की सख्ती, अब सीधे आएंगे नियामकीय निगरानी में

₹20,000 करोड़ से ज्यादा AUM वाले इंडेक्स पर सेबी की सख्ती, अब सीधे आएंगे नियामकीय निगरानी में

सेबी का यह कदम भारतीय म्यूचुअल फंड और ETF बाजार में पारदर्शिता, भरोसे और जवाबदेही को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

म्यूचुअल फंड निवेशकों के हितों की सुरक्षा और बेंचमार्क इंडेक्स की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सेबी (SEBI) ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है. मार्केट रेगुलेटर ने प्रस्ताव दिया है कि जिन इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड्स का कुल AUM 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. उन्हें अब “महत्वपूर्ण सूचकांक” (Significant Indices) माना जाएगा और वे नए नियामकीय दायरे में आएंगे.

म्यूचुअल फंड बेंचमार्क की गवर्नेंस होगी मजबूत

सेबी का कहना है कि इस कदम का मकसद उन इंडेक्स की गवर्नेंस. निगरानी और जवाबदेही को मजबूत करना है. जिन पर देश के बड़े म्यूचुअल फंड और ETF आधारित हैं. सोमवार को जारी कंसल्टेशन पेपर में सेबी ने साफ किया कि जिन सूचकांकों को घरेलू म्यूचुअल फंड स्कीमें बेंचमार्क या ट्रैकिंग इंडेक्स के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं. और जिनका कुल AUM 20,000 करोड़ रुपये से ऊपर है. उन्हें “महत्वपूर्ण” की श्रेणी में रखा जाएगा.

इंडेक्स प्रोवाइडर्स का रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ETF और इंडेक्स फंड्स में लगातार बढ़ते निवेश को देखते हुए अब इंडेक्स प्रोवाइडर्स को भी औपचारिक रजिस्ट्रेशन और सख्त रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत लाना जरूरी हो गया है. नए नियम लागू होने के बाद ऐसे महत्वपूर्ण इंडेक्स को मैनेज करने वाली कंपनियों को सेबी के पास रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा.

30 जनवरी तक मांगी गई हैं पब्लिक की राय

सेबी ने इस प्रस्ताव पर 30 जनवरी तक निवेशकों और बाजार से जुड़े पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. इसके साथ ही AUM की गणना के लिए एक विस्तृत और पारदर्शी कार्यप्रणाली भी प्रस्तावित की गई है.

कैसे होगा AUM का कैलकुलेशन?

ड्राफ्ट सर्कुलर के अनुसार, किसी इंडेक्स का कुल AUM हर साल दो बार, 30 जून और 31 दिसंबर को पिछले छह महीनों के दौरान हर महीने के औसत दैनिक AUM के आधार पर तय किया जाएगा. अगर कोई म्यूचुअल फंड स्कीम एक से ज्यादा इंडेक्स को ट्रैक करती है. तो AUM को अनुपात के हिसाब से बांटा जाएगा. वहीं “इंडेक्स ऑफ इंडेक्स” के मामलों में संबंधित इंडेक्स के वेटेज के अनुसार AUM का बंटवारा किया जाएगा.

सेबी ने जारी की संभावित “महत्वपूर्ण इंडेक्स” की लिस्ट

सेबी ने 1 जनवरी से 30 जून 2025 के म्यूचुअल फंड डेटा के आधार पर संभावित महत्वपूर्ण सूचकांकों की एक सूची भी जारी की है. इसमें सेंसेक्स, निफ्टी 50, निफ्टी बैंक, निफ्टी 100 और निफ्टी 500 जैसे बड़े इक्विटी बेंचमार्क शामिल हैं. इसके अलावा BSE, NSE और CRISIL द्वारा मैनेज किए जा रहे कई डेट, हाइब्रिड और थीमैटिक इंडेक्स भी इस दायरे में आ सकते हैं. हालांकि, जो इंडेक्स पहले से ही RBI द्वारा रेगुलेट किए जा रहे हैं. उन्हें सेबी के इस नए फ्रेमवर्क से बाहर रखा जाएगा.

छह महीने के भीतर करना होगा आवेदन

नए नियम लागू होने के बाद. जिन इंडेक्स प्रोवाइडर्स के इंडेक्स “महत्वपूर्ण” की श्रेणी में आएंगे. उन्हें सर्कुलर जारी होने के छह महीने के भीतर सेबी के पास रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

4 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

7 hours ago

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

8 hours ago

OMCs की अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराया. इसके चलते कंपनियों को भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.

9 hours ago

अडानी पर निवेशकों का भरोसा बरकरार, ₹15,000 करोड़ के QIP पर ₹38,000 करोड़ की बोलियां

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट के निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस के भुगतान और अन्य पूंजीगत खर्चों में करेगी.

9 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

8 hours ago

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

4 hours ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

6 hours ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

7 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

7 hours ago