होम / बिजनेस / SEBI चेयरपर्सन को सरकार से मिली क्लीन चिट, जांच में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला!

SEBI चेयरपर्सन को सरकार से मिली क्लीन चिट, जांच में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला!

सेबी चीफ को हितों के टकराव और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के मामले में जांच का सामना करना पड़ा था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

SEBI चेयरपर्सन माधबी बुच को बड़ी राहत मिली है. पिछले संसद सत्र के दौरान इनका नाम काफी चर्चा में आया था. कांग्रेस ने उन पर, उनके परिवार पर और भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि बड़े पैमाने पर भ्रष्‍टाचार हुआ है. साथ ही आरोप था कि SEBI चेयरपर्सन माधबी बुच ने अपने पद का गलत इस्‍तेमाल कर रही हैं. हालांकि अब जांच पूरी हो चुकी है और इनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं. आरोपों की चर्चा के बीच सरकार ने जांच शुरू कराई थी. एजेंसियों और वित्त मंत्रालय दोनों की ओर से जांच किया गया. इसमें माधबी बुच और उनके परिवार को बड़ी राहत दी गई है. इंडिया टुडे को सूत्रों ने बताया है कि जांच पूरी हो गई है और कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है. वे अभी SEBI चेयरपर्सन के पद पर बनी रहेंगी.

सेबी प्रमुख पर लगाए थे आरोप

हाल ही में हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक रिपोर्ट में अडानी समूह के साथ बाजार नियामक सेबी की प्रमुख माधवी पुरी बुच पर कई आरोप लगाए हैं. हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धबल बुच ने बरमूडा तथा मॉरीशस में अस्पष्ट विदेशी कोषों में अघोषित निवेश किया था. उसने कहा कि ये वही फंड हैं जिनका कथित तौर पर विनोद अडानी ने पैसों की हेराफेरी करने तथा समूह की कंपनियों के शेयरों की कीमतें बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया था, विनोद अडानी, अडानी समूह के चेयरपर्सन गौतम अदाणी के बड़े भाई हैं.

सेबी चेयरपर्सन का आया जवाब

आरोपों के जवाब में माधबी पुरी बुच और उनके पति, धवल बुच ने कहा था कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में दावे "निराधार" और बिना योग्यता के थे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके वित्तीय रिकॉर्ड पारदर्शी थे और आरोपों को चरित्र हनन का प्रयास बताया. बुच दंपति ने स्पष्ट किया कि फंड में उनका निवेश, माधबी के सेबी में शामिल होने से दो साल पहले किया गया था. हिंडनबर्ग के हमले के बाद कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां सेबी चेयरपर्सन पर हमलावर हो गईं. इसके साथ ही इस्तीफे की भी मांग की गई.
 

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

रिलायंस फैसले की खामोश विरासत: क्या सेबी के लिए अब धोखाधड़ी साबित करना होगा और मुश्किल?

रिलायंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सही कहा कि किसी नियम का उल्लंघन करना और धोखाधड़ी करना एक ही बात नहीं है. लेकिन सबसे गंभीर मामलों में सबूत के स्तर को ऊंचा उठाते हुए अदालत एक ऐसे सवाल को अनुत्तरित छोड़ गई, जिसका जवाब उसने नहीं दिया: ऐसे बाजार में, जहां गलत काम गुमनाम, इलेक्ट्रॉनिक और बिना किसी स्पष्ट पीड़ित के होता है, एक नागरिक नियामक धोखाधड़ी को साबित कैसे करे?

1 week ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 99% बातचीत पूरी; जल्द हो सकता है अंतरिम समझौता: अमेरिकी राजदूत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है.

1 week ago

स्पाइसजेट पर GST विभाग का शिकंजा, रद्द हो सकता है पंजीकरण; 124 करोड़ रुपये की टैक्स मांग

जीएसटी विभाग ने CGST/SGST अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी का प्रोविजनल असेसमेंट किया है. इस आकलन के आधार पर विभिन्न अवधियों के लिए कुल 124 करोड़ 65 लाख 87 हजार 156 रुपये की कर मांग निर्धारित की गई है.

1 week ago

मई में 49 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा भारत का क्रूड आयात, रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

1 week ago

सेबी का सुजलॉन पर बड़ा प्रहार: 29 करोड़ रुपये का जुर्माना, पुरानी क्लीन चिट भी रद्द

खातों में कथित हेराफेरी, भ्रामक वित्तीय खुलासे और समूह कंपनियों के बीच फंड घुमाकर मुनाफा दिखाने के आरोपों पर सेबी ने सुजलॉन एनर्जी और उसके पूर्व शीर्ष अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाया है.

1 week ago


बड़ी खबरें

मई में 49 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा भारत का क्रूड आयात, रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

1 week ago

रिलायंस फैसले की खामोश विरासत: क्या सेबी के लिए अब धोखाधड़ी साबित करना होगा और मुश्किल?

रिलायंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सही कहा कि किसी नियम का उल्लंघन करना और धोखाधड़ी करना एक ही बात नहीं है. लेकिन सबसे गंभीर मामलों में सबूत के स्तर को ऊंचा उठाते हुए अदालत एक ऐसे सवाल को अनुत्तरित छोड़ गई, जिसका जवाब उसने नहीं दिया: ऐसे बाजार में, जहां गलत काम गुमनाम, इलेक्ट्रॉनिक और बिना किसी स्पष्ट पीड़ित के होता है, एक नागरिक नियामक धोखाधड़ी को साबित कैसे करे?

1 week ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 99% बातचीत पूरी; जल्द हो सकता है अंतरिम समझौता: अमेरिकी राजदूत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है.

1 week ago

सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा दांव, 2035 तक 150 अरब डॉलर की वैल्यू चेन खड़ी करेगा भारत

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक दशक में 135-180 अरब डॉलर के निवेश और मजबूत सरकारी समर्थन के दम पर देश न केवल अपनी चिप जरूरतों को पूरा कर सकता है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी अहम भूमिका निभा सकता है.

1 week ago

स्पाइसजेट पर GST विभाग का शिकंजा, रद्द हो सकता है पंजीकरण; 124 करोड़ रुपये की टैक्स मांग

जीएसटी विभाग ने CGST/SGST अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी का प्रोविजनल असेसमेंट किया है. इस आकलन के आधार पर विभिन्न अवधियों के लिए कुल 124 करोड़ 65 लाख 87 हजार 156 रुपये की कर मांग निर्धारित की गई है.

1 week ago