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कांग्रेस के आरोपों पर SEBI चेयरपर्सन ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'सभी आरोप झूठे, दुर्भावनापूर्ण'
सेबी चीफ ने उन पर लगे आरोपों को झूठा और निराधार बताया है. उन्होंने कहा हमारी बिना जानकारी के हमारे आईटीआर हासिल करना एक अपराध है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मार्केट रेगुलेटर सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच पर आरोपों की बौछार करने वाली हिंडनबर्ग की रिपोर्ट (Hindenburg Report) का मसला अभी भी शांत होता नहीं दिखाई दे रहा है. हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने माधबी पुरी बुच को लेकर कुछ आरोप जड़े थे. इन पर अब सेबी चीफ ने अपनी सफाई पेश की है. उन्होंने एक बार फिर से दोहराया है कि इन आरोपों में कुछ भी सच्चाई नहीं है. उन्होंने अपने निवेश और नौकरियों से जुड़ी हर जानकारी सेबी को पहले से ही दी हुई थी.
आरोपों पर क्या बोलीं सेबी चेयरपर्सन
SEBI चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने आखिरकार आरोपों पर चुप्पी तोड़ी. माधबी पुरी और उनके पति धवल बुच के नाम से स्टेटमेंट जारी किया गया है. कांग्रेस और हिंजनबर्ग की ओर से लगाए गए आरोपों पर सेबी चेयरपर्सन ने व्यक्तिगत क्षमता में स्टेटमेंट जारी किया है. उन्होंने अपनी निष्ठा पर उठे सवालों और चलाए जा रहे 'दुष्प्रचार' का खंडन किया.
सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच और उनके पति ने कांग्रेस के लगाए आरोपों को नकारते हुए कहा कि ये आरोप 'गलत, प्रेरित और मानहानिकारक' हैं. बुच ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस की तरफ से लगाए गए आरोप उनके द्वारा दाखिल आयकर रिटर्न में दर्ज विवरणों पर आधारित हैं. उन्होंने कहा कि वित्तीय मामलों से जुड़ी सभी सूचनाओं का उनकी तरफ से पूरी तरह खुलासा किया गया है और करों का उचित भुगतान भी किया गया है. सेबी प्रमुख ने अपने बयान में कहा, हमारे आयकर रिटर्न से जुड़े विवरण स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी वाले तरीकों और अवैध ढंग से हासिल किए गए हैं.
ICICI ग्रुप से जुड़ा कोई फैसला नहीं लिया
कांग्रेस ने माधबी पुरी बुच और धवल बुच पर हितों के टकराव और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. विपक्षी पार्टी का कहना है कि उन्होंने अपनी कंसल्टेंसी फर्म अगोरा एडवाइजरी (Agora Advisory) के जरिए ICICI ग्रुप समेत अन्य कंपनियों से इनकम प्राप्त की है. माधबी पुरी बुच ने कहा कि हमने सभी निवेश, प्रॉपर्टी और कंपनियों के बारे में सेबी को साल 2017 में ही जानकारी दी थी. ऐसे आरोप हमारी साख गिराने वाले और झूठे हैं. इनका उद्देश्य कुछ और है. सेबी चीफ ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आईसीआईसीआई ग्रुप से जुड़ी किसी भी फाइल को डील नहीं किया. उन्होंने कहा कि साल 2011 में वह ICICI बैंक से अनपेड लीव पर चली गई थीं. ऐसे में एक साथ दो जगहों पर काम करने का सवाल ही पैदा नहीं होता है.
हमारा आईटीआर हासिल करना कानून का उल्लंघन
सेबी चीफ ने अपनी सफाई में कहा कि साल 2013 में उन्होंने सिंगापुर में अपने पति के साथ रहने का फैसला किया तो उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक से खुद को अलग कर लिया था. उन्होंने कहा कि यह आरोप इनकम टैक्स रिटर्न के आधार पर लगाए जा रहे हैं. जब हमने आईटीआर में सारी जानकारी दी थी तो फिर आरोप कैसे बन सकते हैं. हमारे आईटीआर हासिल करना भी कानून का उल्लंघन है. हमने पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से पैसा कमाया है.
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