होम / बिजनेस / SC के फैसले से JSW स्टील को बड़ा झटका, शेयरों में 5% से ज्यादा गिरावट
SC के फैसले से JSW स्टील को बड़ा झटका, शेयरों में 5% से ज्यादा गिरावट
SC के फैसले के कारण JSW स्टील के शेयरों में भारी गिरावट आई है. कोर्ट ने भूषण पावर एंड स्टील के अधिग्रहण को गैरकानूनी ठहराया, जिससे लिक्विडेशन का आदेश दिया गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सुप्रीम कोर्ट (SC) के फैसले के बाद शुक्रवार को JSW स्टील के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज हुई. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने एक फैसले में भूषण पावर एंड स्टील के अधिग्रहण को गैरकानूनी ठहराया है. अदालत का यह निर्णय इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत भविष्य में होने वाले अधिग्रहणों के लिए एक महत्वपूर्ण नजीर बन सकता है. कोर्ट के इस फैसले के बाद कंपनी को बड़ा झटका लगा और इसका शेयर एनएसई पर 5.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 970.00 के भाव पर बंद हुआ. वहीं बीएसई पर 5.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 972.15 के भाव पर बंद हुआ.
अधिग्रहण प्रक्रिया में पाई गई खामियां
JSW स्टील ने 2021 में भूषण पावर एंड स्टील में 49% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था, जो बाद में बढ़कर 83% तक पहुंच गई. यह डील इक्विटी और कन्वर्टिबल डिबेंचर्स के मिश्रण से की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया को गलत मानते हुए कहा कि अधिग्रहण केवल इक्विटी के जरिए किया जाना चाहिए था और IBC की तय समयसीमा का भी पालन नहीं हुआ.
सुप्रीम कोर्ट ने दी लिक्विडेशन की मंजूरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अदालत ने भूषण पावर एंड स्टील के लिक्विडेशन का आदेश दे दिया है. हालांकि, JSW स्टील को रिव्यू पिटीशन दायर करने का विकल्प खुला है. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एचपी रनिना के अनुसार, JSW को अपनी पुनरावेदन याचिका में केवल इक्विटी ऑफर देने पर ध्यान देना चाहिए. अगर कन्वर्टिबल डिबेंचर्स को हटाया जाए, तो यह मामला फिर से मजबूत हो सकता है.
JSW पर क्या होगा असर?
भूषण पावर JSW की कुल उत्पादन क्षमता (37.5 मिलियन टन प्रति वर्ष) का लगभग 12.5-13% और कंपनी के EBITDA में 10% योगदान करता है. लिक्विडेशन की स्थिति में यह पूरा योगदान खतरे में पड़ सकता है, जिससे कंपनी के लाभ और उत्पादन दोनों पर असर पड़ेगा.
निवेशकों में चिंता का माहौल
इस फैसले के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है कि JSW स्टील को भूषण पावर की संपत्तियों से हाथ धोना पड़ सकता है. इससे कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीतियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है. शेयर फिलहाल 52 सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंच चुका है, और आगे और दबाव बन सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकालिक दृष्टिकोण से JSW स्टील के शेयरों में अस्थिरता बनी रह सकती है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे रिव्यू पिटीशन और लिक्विडेशन प्रक्रिया की दिशा पर नजर बनाए रखें. लंबी अवधि में JSW की अन्य परियोजनाओं, जैसे ओडिशा प्लांट, पर फोकस करना अधिक उपयुक्त हो सकता है.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है, यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखी गई है. BW हिन्दी आपको किसी भी जगह के निवेश की सलाह नहीं देता है, अगर आप निवेश करना चाहते हैं, तो पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें.)
टैग्स