होम / बिजनेस / SBI को हुआ 70,901 करोड़ रुपये का मुनाफा, इन रणनीतियों से मिला फायदा

SBI को हुआ 70,901 करोड़ रुपये का मुनाफा, इन रणनीतियों से मिला फायदा

SBI की यह वित्तीय सफलता उसकी सतर्क रणनीतियों, नीतिगत समझ और चुनौतियों से निपटने की क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2024-25 में 70,901 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. यह लाभ पिछले वित्त वर्ष (2023-24) के 61,077 करोड़ रुपये की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है. यह उपलब्धि एसबीआई की रणनीतिक निर्णयों और वित्तीय अनुशासन का परिणाम मानी जा रही है. आइए जानते हैं वित्तीय परिणाम के बाद इसके शेयर का क्या हाल है?

ब्याज दर में गिरावट के बावजूद मुनाफा
एसबीआई के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने बताया कि बैंक ने चालू वित्त वर्ष में ब्याज दरों में गिरावट जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अपनी परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (Return on Assets - ROA) को 1% से अधिक बनाए रखने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि रेपो दरों में संभावित कटौती से शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) पर दबाव बनेगा, लेकिन बैंक ने पहले से ही इस पर रणनीति तैयार कर ली है.

जमा दरों में बदलाव की तैयारी
शेट्टी ने संकेत दिया कि बैंक जमा दरों में पुनर्गठन करेगा ताकि मौद्रिक नीतियों का प्रभावी रूप से प्रसारण किया जा सके. उन्होंने कहा, “हम सुनिश्चित करेंगे कि जमा पर ब्याज दरों में बदलाव रेपो दरों के अनुरूप हो, ताकि बैंक की मार्जिन सुरक्षित रहे.”

ROA और ROE में सुधार
एसबीआई ने पिछले वित्त वर्ष में ROA को 1.04% से बढ़ाकर 1.10% किया, जबकि रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) करीब 20% के स्तर पर स्थिर रहा. शेट्टी ने कहा कि बैंक का लक्ष्य है कि वह दीर्घकालिक रूप से ROE को 15% से ऊपर बनाए रखे.

66 लाख करोड़ रुपये का बहीखाता, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में उछाल
पिछले वित्त वर्ष में एसबीआई की बहीखाता राशि बढ़कर 66 लाख करोड़ रुपये हो गई. साथ ही, बैंक का परिचालन लाभ भी पहली बार एक लाख करोड़ रुपये को पार कर गया और 1,10,579 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

शेट्टी के अनुसार, मौद्रिक नीति में बदलाव का प्रभाव जमा लागत पर पड़ने में आमतौर पर 12 से 18 महीने का समय लगता है. ऐसे में एसबीआई अगले एक साल के लिए सतर्क और रणनीतिक दोनों दृष्टिकोण अपनाने की तैयारी में है.

मुनाफे के बावजूद शेयक में हल्की गिरावट

एसबीाई को वित्तीय परिाणाम में जबरदस्त मुनाफा हुआ है,बावजूद इसके शेयर में गिरावट देखी जा रही है. सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान खबर लिखे जाने तक एसबीआई का शेयर 1.19 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ  790.45 के भाव पर कारोबार करता दिखा. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानान है कि शेयर में तेजी आएगी. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

9 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

12 hours ago

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

12 hours ago

OMCs की अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराया. इसके चलते कंपनियों को भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.

13 hours ago

अडानी पर निवेशकों का भरोसा बरकरार, ₹15,000 करोड़ के QIP पर ₹38,000 करोड़ की बोलियां

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट के निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस के भुगतान और अन्य पूंजीगत खर्चों में करेगी.

14 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

12 hours ago

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

9 hours ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

10 hours ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

12 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

12 hours ago