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SAIL का मुनाफा चार गुना से ज्यादा बढ़कर ₹1,774 करोड़, आय में करीब 20% की बढ़ोतरी
जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर चार गुना से अधिक बढ़कर ₹1,774 करोड़ हो गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 hours ago
सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील कंपनी सेल (SAIL) ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹427 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था. वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹1,636 करोड़ रहा था. इस तरह जून तिमाही के मुकाबले सितंबर तिमाही में भी मुनाफे में 8.4% की बढ़ोतरी हुई है.
कंपनी की परिचालन से आय भी बढ़कर ₹31,998 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की जुलाई-सितंबर तिमाही में ₹26,704 करोड़ थी. SAIL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एके पांडा ने कहा कि वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन परिचालन क्षमता और वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है.
पहली छमाही में मुनाफा तीन गुना से ज्यादा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल-सितंबर के दौरान SAIL का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा तीन गुना से अधिक बढ़कर ₹3,410 करोड़ हो गया. पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी ने ₹1,112 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था.
इस दौरान कंपनी का ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले का लाभ (EBITDA) 55% बढ़कर ₹8,917 करोड़ रहा. पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह ₹5,754 करोड़ था.
दूसरी तिमाही में बिक्री और उत्पादन बढ़ा
सितंबर तिमाही में SAIL की बिक्री मात्रा सालाना आधार पर 5.1% बढ़कर 51.6 लाख टन हो गई. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 49.1 लाख टन स्टील की बिक्री की थी.
कंपनी का कच्चे इस्पात का उत्पादन भी बढ़कर 48.5 लाख टन हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 46.5 लाख टन था.
हालांकि, वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी की कुल बिक्री मात्रा मामूली घटकर 93.3 लाख टन रही. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 94.6 लाख टन थी. बिक्री मात्रा में हल्की गिरावट के बावजूद कंपनी के मुनाफे में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया.
₹20,583 करोड़ रहा बकाया कर्ज
SAIL का बकाया कर्ज ₹20,583 करोड़ रहा. कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए कर्ज घटाने पर भी ध्यान दे रही है. एके पांडा के मुताबिक, कंपनी आगे भी लागत को तर्कसंगत बनाने, इन्वेंट्री कम करने और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान देगी. इसके साथ ही कर्ज में लगातार कमी लाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे.
कंपनी को उम्मीद है कि लागत नियंत्रण, परिचालन दक्षता और बेहतर उत्पाद मिश्रण पर फोकस से उसकी वित्तीय स्थिति को और मजबूती मिलेगी.
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