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पेटीएम के मुनाफे में जबरदस्त उछाल, दूसरी तिमाही में 226 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 28% बढ़कर 2,648 करोड़ रुपये हुआ, UPI मर्चेंट चार्ज से कमाई बढ़ने की उम्मीद
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 day ago
डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम (Paytm) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया है. कंपनी का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 226 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 21 करोड़ रुपये था. इस दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 28 फीसदी बढ़कर 2,648 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 2,061 करोड़ रुपये था. बेहतर परिचालन मार्जिन, वित्तीय सेवाओं के कारोबार में वृद्धि और UPI लेनदेन पर मर्चेंट चार्ज से अतिरिक्त कमाई की संभावनाओं ने कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती दी है.
पेटीएम ब्रांड का संचालन करने वाली कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस (One 97 Communications) ने लगातार छठी तिमाही में मुनाफा दर्ज किया है. कंपनी का ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले का लाभ (EBITDA) सालाना आधार पर 90 फीसदी बढ़कर 270 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, EBITDA मार्जिन बढ़कर 10 फीसदी पहुंच गया, जो कंपनी की परिचालन लाभप्रदता में सुधार को दर्शाता है.
ये नतीजे ऐसे समय में आए हैं, जब पात्र UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने से भुगतान सेवा प्रदाताओं के लिए कमाई का नया अवसर बन सकता है. हालांकि, पेटीएम का मानना है कि इस बदलाव का वित्तीय प्रभाव अगले दो से तीन तिमाहियों में अधिक स्पष्ट और स्थिर हो सकेगा.
पहली छमाही में मुनाफा तीन गुना से ज्यादा बढ़ा
सितंबर तिमाही में पेटीएम ने राजस्व वृद्धि के साथ परिचालन दक्षता में भी सुधार दर्ज किया. कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के 21 करोड़ रुपये से बढ़कर 226 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, EBITDA पिछले साल के करीब 142 करोड़ रुपये से बढ़कर 270 करोड़ रुपये पहुंच गया.
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) सालाना आधार पर तीन गुना से अधिक बढ़कर 445 करोड़ रुपये हो गया. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 144 करोड़ रुपये था.
कंपनी के मुताबिक, मर्चेंट और कंज्यूमर कारोबार में मजबूती, सेवाओं से कमाई बढ़ाने की बेहतर क्षमता और परिचालन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने में योगदान दिया.
UPI मर्चेंट चार्ज से कमाई बढ़ने की उम्मीद
UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के नए ढांचे को पेटीएम के भुगतान कारोबार के लिए अहम बदलाव माना जा रहा है. MDR वह शुल्क है, जो पात्र मर्चेंट लेनदेन को प्रोसेस करने के लिए लिया जाता है. इस शुल्क से होने वाली आय भुगतान क्षेत्र से जुड़े विभिन्न भागीदारों के बीच वितरित होती है.
पेटीएम को उम्मीद है कि नए ढांचे के लागू होने के बाद उसके पेमेंट प्रोसेसिंग मार्जिन में 2.5 बेसिस पॉइंट का सुधार हो सकता है. हालांकि, कंपनी के अनुसार, इसका पूरा प्रभाव स्थिर होने में करीब दो से तीन तिमाहियों का समय लग सकता है.
लेनदेन की संख्या और मूल्य बढ़ने के साथ मर्चेंट पेमेंट कारोबार की लाभप्रदता में सुधार की संभावना है. विश्लेषकों ने भी संकेत दिया है कि UPI मर्चेंट चार्ज से कंपनी की भविष्य की कमाई को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है. हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव लेनदेन के प्रकार, भुगतान व्यवस्था में शुल्क के वितरण और कंपनी के मार्जिन में होने वाले स्थायी सुधार पर निर्भर करेगा.
वित्तीय सेवाओं और मर्चेंट पेमेंट से कारोबार को मजबूती
पेटीएम के वित्तीय सेवा कारोबार ने राजस्व वृद्धि में अहम भूमिका निभाई. वित्तीय सेवाओं के वितरण से होने वाला राजस्व सालाना आधार पर 49 फीसदी बढ़कर 912 करोड़ रुपये हो गया. इसमें मर्चेंट लोन, पर्सनल लोन और अन्य वित्तीय उत्पादों के वितरण का योगदान रहा.
वहीं, भुगतान सेवाओं से राजस्व 25 फीसदी बढ़कर 1,434 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी ने लगातार छठी तिमाही में उपभोक्ता UPI बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई. तिमाही के दौरान पेटीएम के जरिए UPI लेनदेन का मूल्य 42 फीसदी बढ़ा, जबकि उद्योग की वृद्धि दर 19 फीसदी रही.
कंपनी का मर्चेंट नेटवर्क भी बढ़ा है. सब्सक्रिप्शन प्लान का इस्तेमाल करने वाले मर्चेंट की संख्या सालाना आधार पर 27 लाख बढ़कर 1.64 करोड़ हो गई. इससे भुगतान सेवाओं और संबंधित वित्तीय उत्पादों के जरिए कमाई बढ़ाने के अवसर मजबूत हुए हैं.
AI के इस्तेमाल से लागत घटाने में मदद
पेटीएम अपने कंज्यूमर प्लेटफॉर्म, मर्चेंट परिचालन, इंजीनियरिंग, जोखिम प्रबंधन, कर्ज वसूली और धोखाधड़ी रोकने जैसी गतिविधियों में AI का इस्तेमाल बढ़ा रही है. कंपनी के अनुसार, AI के जरिए परिचालन दक्षता बढ़ने से राजस्व के मुकाबले अप्रत्यक्ष खर्च का अनुपात घटकर 46 फीसदी रह गया, जो एक साल पहले 52 फीसदी था. राजस्व में वृद्धि और लागत प्रबंधन में सुधार से कंपनी को भविष्य में परिचालन लाभप्रदता बढ़ाने में मदद मिल सकती है. सितंबर 2026 के अंत में पेटीएम के पास 13,617 करोड़ रुपये की नकदी उपलब्ध थी. इससे कंपनी को कारोबार के विस्तार और निवेश के लिए वित्तीय संसाधन मिलते हैं.
पेटीएम के शेयर में भी तेजी
पेटीएम के शेयर 26 अक्टूबर को 2.39 फीसदी की तेजी के साथ 1,654.70 रुपये पर बंद हुए. इस दौरान निफ्टी 50 में 0.68 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन बेहतर मुनाफे और UPI मर्चेंट चार्ज से भविष्य में होने वाली संभावित कमाई को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी दर्शाता है.
आने वाली तिमाहियों में कंपनी के सामने राजस्व वृद्धि को बनाए रखने के साथ बढ़ते लेनदेन और भुगतान कारोबार की बेहतर लाभप्रदता को मजबूत मार्जिन में बदलने की चुनौती होगी. UPI मर्चेंट चार्ज का वास्तविक योगदान और लागत में कमी को बनाए रखने की क्षमता पेटीएम के भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगी.
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