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जियो के सफर से AI के भविष्य तक, अंबानी परिवार की अगली पीढ़ी ने बताया अपना विजन
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग के मौके पर अंबानी परिवार ने रिलायंस की यात्रा, धीरूभाई अंबानी के सपने और मुकेश अंबानी के विजन को याद किया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा. जियो प्लेटफॉर्म्स की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में लिस्टिंग के साथ कंपनी ने शेयर बाजार में एक नया अध्याय शुरू किया. इस मौके पर आयोजित समारोह में कारोबारी उपलब्धियों के साथ अंबानी परिवार की विरासत और संघर्ष की कहानी भी सामने आई. जब अनंत, ईशा और आकाश अंबानी ने अपने दादा धीरूभाई अंबानी के सपनों और पिता मुकेश अंबानी के योगदान को याद किया, तो मुकेश अंबानी भावुक हो गए.
अनंत अंबानी बोले- जियो देश को दिया गया प्रसाद
रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘जय श्री कृष्ण’ से की. उन्होंने कहा कि स्टॉक एक्सचेंज की घंटी उनके लिए मंदिर की घंटी जैसी है. उनके लिए कारोबार एक पूजा है और हर पूजा के बाद प्रसाद बांटा जाता है. उन्होंने जियो को देश के साथ साझा किए जाने वाले प्रसाद के रूप में पेश किया.
अनंत ने अपने दादा धीरूभाई अंबानी के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि चोरवाड़ के एक साधारण घर से शुरू हुआ सपना आज इतने बड़े कारोबारी साम्राज्य में बदल गया है. यमन के अदन में पेट्रोल पंप पर काम करने वाले धीरूभाई ने दिखाया कि एक आम भारतीय भी बड़े सपने देख सकता है. इसके बाद मुकेश अंबानी ने जामनगर की बंजर जमीन पर दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी खड़ी की.
उन्होंने कहा कि जियो का बीज ईशा ने बोया था, जिसे आकाश ने अपना सपना बना लिया. अनंत ने कोरोना महामारी के दौरान जियो की भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जब दुनिया थम गई थी, तब डिजिटल कनेक्टिविटी के कारण बच्चों की पढ़ाई जारी रही और दूर रह रहे परिवार वीडियो कॉल के जरिए एक-दूसरे से जुड़े रहे.
अनंत ने जियो के 53 करोड़ ग्राहकों, नेटवर्क स्थापित करने के लिए बारिश और धूप में काम करने वाले तकनीशियनों और डिजिटल इंडिया के विजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि तीनों भाई-बहन भले ही अलग-अलग शरीर हैं, लेकिन उनकी आत्मा एक है.
ईशा अंबानी ने याद किया रिलायंस का पहला आईपीओ
अनंत के बाद ईशा अंबानी ने रिलायंस के शुरुआती दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही परिवार के साथ डिनर के दौरान मुकेश अंबानी 1977 के पहले आईपीओ की चर्चा कर रहे थे. उस समय वह महज 20 साल के थे और रिलायंस के आईपीओ पर काम कर रहे थे.
ईशा के मुताबिक, धीरूभाई अंबानी चाहते थे कि रिलायंस पर केवल कुछ अमीर लोगों का अधिकार न हो, बल्कि देश का आम नागरिक भी कंपनी में हिस्सेदारी रख सके. उन्होंने कहा कि करीब 50 साल बाद जियो की लिस्टिंग के साथ आम लोगों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनाने की उसी सोच को आगे बढ़ाया गया है.
ईशा ने बताया कि जियो ने महज 10 साल में करीब 15.5 अरब डॉलर का राजस्व और 8 अरब डॉलर का वास्तविक मुनाफा हासिल किया है. उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे आकाश अंबानी की मेहनत का भी जिक्र किया. ईशा ने कहा कि पिछले 13 वर्षों के सफर में आकाश शायद ही किसी रात 12 बजे से पहले घर लौटे हों.
उन्होंने दादी कोकिलाबेन, मां नीता अंबानी, मनोज अंकल और परिवार के अन्य सदस्यों का आभार जताया. पिता को संबोधित करते हुए ईशा ने कहा कि उन्होंने हमेशा वह भविष्य देखा, जिसे दूसरे लोग देख नहीं पाए. उन्होंने अपनी उपलब्धियों का श्रेय मुकेश अंबानी के विजन को दिया.
95 मिनट में पूरा सब्सक्रिप्शन, आकाश ने बताया जियो का सफर
जियो के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने निवेशकों का आभार जताते हुए आईपीओ को मिली प्रतिक्रिया का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कंपनी का आईपीओ महज 95 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. उनके मुताबिक, इसके लिए 7.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मांग आई और 1.3 करोड़ से ज्यादा भारतीयों ने जियो पर भरोसा जताया.
आकाश ने बताया कि विदेश से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अपने पिता के साथ मिलकर भारत को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से लौटे थे. उन्होंने केरल के पहाड़ी इलाके में रहने वाली अंजलि नाम की लड़की का उदाहरण दिया, जिसे स्कूल के पाठ मोबाइल में डाउनलोड करने के लिए रोजाना दो किलोमीटर पैदल चलकर पहाड़ी पर जाना पड़ता था. इलाके में नेटवर्क की समस्या के कारण उसे यह परेशानी उठानी पड़ती थी. जियो की कनेक्टिविटी मिलने के बाद उसकी पढ़ाई आसान हो गई.
आकाश ने 20 फरवरी 2017 की एक घटना भी साझा की, जब जियो ने 10 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा पार किया था. उन्होंने बताया कि मुकेश अंबानी ने उनसे मजाक में शर्त रखी थी कि जब तक जियो के 10 करोड़ ग्राहक नहीं हो जाते, तब तक उनकी शादी नहीं हो सकती. आकाश के मुताबिक, उस रात उनके पास जश्न मनाने की दो वजहें थीं.
अगले 10 साल में एआई, क्लाउड और स्पेस कनेक्टिविटी पर फोकस
आकाश अंबानी ने जियो के भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए कहा कि जब वह कंपनी से जुड़े थे, तब उसके पास न ग्राहक थे और न ही राजस्व. आज जियो के स्वदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म से 54 करोड़ से अधिक ग्राहक जुड़े हैं.
उन्होंने कहा कि जियो के शुरुआती 10 वर्षों में डेटा को आम लोगों तक पहुंचाने पर ध्यान दिया गया. अब अगले 10 वर्षों में कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड और स्पेस कनेक्टिविटी जैसी तकनीकों को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगी.
आकाश ने अपने दादा धीरूभाई अंबानी के ‘रोटी, कपड़ा, मकान और मोबाइल’ के सपने को याद करते हुए कहा कि जियो का लक्ष्य तकनीक को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों में जियो प्लेटफॉर्म्स का नाम शामिल होगा.
अपने संबोधन के अंत में आकाश ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), एनएसई, बीएसई और निवेशकों का आभार जताया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि कंपनी अपने प्रदर्शन और कामकाज के जरिए निवेशकों के विश्वास को मजबूत करने की कोशिश जारी रखेगी.
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