होम / बिजनेस / अमेजन के साथ मिलकर 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक उतारेगी टाटा मोटर्स, लंबी दूरी की माल ढुलाई पर फोकस
अमेजन के साथ मिलकर 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रक उतारेगी टाटा मोटर्स, लंबी दूरी की माल ढुलाई पर फोकस
त्योहारी सीजन में दिल्ली से शुरू होगी इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती, NH-48 पर दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई के 2,800 किलोमीटर लंबे फ्रेट कॉरिडोर पर भी बढ़ेगा इलेक्ट्रिक परिवहन
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने भारत में अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए टाटा मोटर्स के साथ साझेदारी की है. इस समझौते के तहत अमेजन के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में अगले तीन वर्षों में 3,000 से अधिक इलेक्ट्रिक ट्रक शामिल किए जाएंगे. कंपनी का दावा है कि किसी ई-कॉमर्स कंपनी की ओर से भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों की यह सबसे बड़ी नियोजित तैनाती होगी. इसका उद्देश्य शहरों के भीतर माल ढुलाई से लेकर लंबी दूरी के राष्ट्रीय राजमार्गों पर परिवहन को इलेक्ट्रिक वाहनों की मदद से बढ़ावा देना है.
इस योजना के तहत टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक ट्रक अमेजन की विभिन्न सुविधाओं के बीच, शहरों में और राष्ट्रीय माल ढुलाई कॉरिडोर पर सामान पहुंचाएंगे. इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती की शुरुआत त्योहारी सीजन में दिल्ली से होगी, जब ई-कॉमर्स और खुदरा कारोबार में माल ढुलाई की मांग बढ़ जाती है.
दिल्ली से शुरू होगी टाटा अल्ट्रा E.7 की तैनाती
अमेजन अपने मिडिल-माइल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में टाटा मोटर्स के हल्के और मध्यम श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रक शामिल करेगा. शुरुआती चरण में टाटा अल्ट्रा E.7 इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती की जाएगी. इन वाहनों का इस्तेमाल शहरों के भीतर और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच सामान पहुंचाने के लिए किया जाएगा.
इस समझौते के तहत टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक ट्रकों की आपूर्ति करेगी, जबकि अमेजन के कैरियर पार्टनर इन वाहनों का संचालन करेंगे. दोनों कंपनियां इलेक्ट्रिक ट्रकों को बड़े स्तर पर अपनाने में आने वाली चुनौतियों को दूर करने के लिए मिलकर काम करेंगी. इसमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विसिंग और परिचालन संबंधी सहायता शामिल है.
2,800 किलोमीटर लंबे दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर पर भी जोर
इस पहल का एक प्रमुख हिस्सा NH-48 पर दिल्ली-बेंगलुरु-चेन्नई के 2,800 किलोमीटर लंबे माल ढुलाई कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक ट्रकों का संचालन करना है. यह कॉरिडोर सात राज्यों से होकर गुजरता है और देश के प्रमुख ई-कॉमर्स बाजारों को जोड़ता है.
इस मार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रकों का संचालन आसान बनाने के लिए विशेष चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. इसमें याहवी के साथ मिलकर विकसित किए जा रहे चार्जिंग हब भी शामिल हैं. कंपनी के अनुसार, देशभर में याहवी की ओर से विकसित 10 चार्जिंग यार्ड भी इलेक्ट्रिक ट्रकों के संचालन में मदद कर रहे हैं.
इस विस्तार के जरिए अमेजन का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल लास्ट-माइल डिलीवरी तक सीमित रखने के बजाय लंबी दूरी की माल ढुलाई में भी बढ़ाना है.
सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी योजनाओं को मिलेगा समर्थन
यह पहल केंद्र सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की कोशिशों के अनुरूप है. इसमें पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE), ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI Auto) तथा एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (PLI ACC) से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया है.
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि अमेजन और टाटा मोटर्स की साझेदारी देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की बढ़ती जरूरतों को भारत में निर्मित इलेक्ट्रिक ट्रकों के जरिए पूरा करने की क्षमता दिखाती है. वहीं, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन और आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देना परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इससे दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में भी मदद मिल सकती है.
2040 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य
अमेजन के एशिया-पैसिफिक, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और तुर्की के ऑपरेशंस वाइस प्रेसिडेंट अभिनव सिंह ने कहा कि कंपनी के लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करना 2040 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने की रणनीति का अहम हिस्सा है.
उन्होंने कहा, "क्लाइमेट प्लेज के सह-संस्थापक के रूप में अमेजन, LaneShift जैसी पहलों के जरिए पूरे उद्योग के साथ मिलकर काम कर रहा है. इन पहलों के तहत वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में इलेक्ट्रिक ट्रकों का परीक्षण किया जाता है और यह समझने की कोशिश की जाती है कि इनके व्यापक इस्तेमाल के लिए किस तरह के बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी. हमारा लक्ष्य 2040 तक कार्बन उत्सर्जन को शुद्ध रूप से शून्य करना है और परिवहन व्यवस्था में बदलाव इस लक्ष्य को हासिल करने का अभिन्न हिस्सा है."
सिंह ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरे परिवहन नेटवर्क पर ध्यान देना होगा. इसमें ग्राहकों तक पैकेज पहुंचाने वाले वाहनों से लेकर लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच सामान ले जाने वाले बड़े ट्रक और लंबी दूरी के माल परिवहन मार्ग शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि अमेजन अपने नेटवर्क में 3,000 से अधिक हल्के और मध्यम श्रेणी के इलेक्ट्रिक मालवाहक ट्रक तैनात करेगा. इन ट्रकों को कंपनी के कैरियर पार्टनर संचालित करेंगे. अमेजन वाहन निर्माताओं और अन्य भागीदारों के साथ मिलकर वाहनों की उपलब्धता, वित्तपोषण और लीजिंग मॉडल तथा शुरुआती लागत कम करने पर काम कर रहा है. इसके साथ ही, नेटवर्क में समर्पित चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
सिंह के मुताबिक, इलेक्ट्रिक ट्रकों को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए वाहन निर्माताओं, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, चार्जिंग ऑपरेटरों और वित्तपोषण भागीदारों को मिलकर काम करना होगा. बुनियादी ढांचे का विस्तार, वित्त तक बेहतर पहुंच और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को तेज करना इस बदलाव के लिए जरूरी है. कंपनी के अनुसार, भारत के 500 से अधिक शहरों में उसके 15,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन चल रहे हैं.
इलेक्ट्रिक ट्रकिंग को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी
टाटा मोटर्स लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड (ट्रक्स) राजेश कौल ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकिंग अब शुरुआती परीक्षणों से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर अपनाए जाने के चरण में पहुंच रही है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को केवल पायलट परियोजनाओं तक सीमित रखने के बजाय ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, औद्योगिक सामान, ऑटो कंपोनेंट्स, इस्पात, सीमेंट, कंटेनर और थोक माल सहित पूरे माल परिवहन तंत्र की जरूरतों को पूरा करना होगा.
कौल ने कहा, "हमारा सिद्धांत उत्पादकता से कोई समझौता नहीं करना है. इसमें पेलोड, परिचालन समय और लाभप्रदता शामिल हैं, क्योंकि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्राहक को लाभ मिलना चाहिए."
उन्होंने बताया कि टाटा मोटर्स का इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन पोर्टफोलियो 17 टन से लेकर 55 टन तक की श्रेणियों में फैला हुआ है. इसमें लास्ट-माइल, शहरों में वितरण, मिडिल-माइल, क्षेत्रीय माल परिवहन, निर्माण और लंबी दूरी के माल परिवहन के लिए वाहन शामिल हैं. कंपनी ने इलेक्ट्रिक बसों और छोटे कमर्शियल वाहनों के क्षेत्र में अपने अनुभव का भी उल्लेख किया. कौल के मुताबिक, टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक बसें 10 से अधिक शहरों में चल रही हैं और इन बसों ने अब तक कुल मिलाकर 64 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है.
कौल ने कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रकों को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए केवल वाहन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीक, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवाओं, वित्तपोषण और साझेदारी से जुड़े पूरे इकोसिस्टम का विकास जरूरी है. उन्होंने कहा कि चार्जिंग के क्षेत्र में कई स्टार्टअप सामने आ रहे हैं, जो दो शहरों के बीच बुनियादी ढांचा विकसित कर इसे राजस्व के मॉडल के रूप में आगे बढ़ाना चाहते हैं.
उन्होंने कहा, "एक बड़ा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और उन्नत ईवी तकनीक मिलकर ऐसा समाधान तैयार करते हैं, जो व्यावहारिक, भरोसेमंद और सबसे बढ़कर व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य है."
कौल के मुताबिक, अमेजन के साथ यह साझेदारी अगले तीन वर्षों में 3,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती के जरिए स्वच्छ मोबिलिटी को बड़े स्तर पर ले जाने का अवसर प्रदान करेगी. शुरुआत में टाटा अल्ट्रा E.7 ट्रक अमेजन के मिडिल-माइल लॉजिस्टिक्स में इस्तेमाल होंगे. इसके बाद कंपनी अपने व्यापक इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो के जरिए दूसरे परिचालन और लंबी दूरी के मार्गों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम करेगी.
उन्होंने बताया कि अमेजन की टीम ने लगभग छह से आठ महीने पहले दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख मार्गों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रकों की जरूरतों पर चर्चा की थी. इन मार्गों पर परिचालन के लिए हल्के सामान की ढुलाई करने वाले दो एक्सल के वाहन और 32 फीट डेक लंबाई जैसे तकनीकी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है. इन वाहनों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा.
कौल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियां उद्योग को निवेश करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार करने में मदद कर रही हैं. उन्होंने पीएम ई-ड्राइव, पीएलआई योजनाओं और राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि नीतिगत समर्थन से कंपनियों को भरोसे के साथ निवेश करने और तेजी से विस्तार करने में मदद मिलती है.
उन्होंने कहा, "टिकाऊ मोबिलिटी तभी सफल होती है, जब वह पर्यावरणीय प्रदर्शन, परिचालन की विश्वसनीयता और आर्थिक व्यवहार्यता, तीनों पहलुओं पर खरी उतरे."
कौल के मुताबिक, टाटा मोटर्स की प्रतिबद्धता केवल उत्पाद उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है. कंपनी उन्नत इंजीनियरिंग, स्थानीयकरण, मजबूत सर्विस सपोर्ट और साझेदारियों के माध्यम से इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के लिए बड़े पैमाने पर इकोसिस्टम तैयार कर रही है. उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं.
टाटा अल्ट्रा E.7 में फास्ट चार्जिंग और हाई-वोल्टेज सुरक्षा
टाटा अल्ट्रा E.7 इलेक्ट्रिक ट्रक को इंटीग्रेटेड ई-एक्सल तकनीक पर तैयार किया गया है. इसमें CCS2 फास्ट चार्जिंग, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग और नई पीढ़ी का क्रैश-टेस्टेड केबिन दिया गया है. इसमें हाई-वोल्टेज सुरक्षा प्रणाली भी मौजूद है.
कंपनी के अनुसार, इस ट्रक को कम परिचालन लागत, बेहतर अपटाइम और माल ढुलाई के दौरान उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है.
अमेजन इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए C40 Cities के साथ चलाए गए LaneShift कार्यक्रम का भी समर्थन कर चुका है. इस कार्यक्रम के तहत बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक ट्रकों का पायलट संचालन किया गया था. इसने शून्य टेलपाइप उत्सर्जन वाले ट्रकों के लिए भारत का पहला प्रमाण-आधारित रोडमैप तैयार करने में भी योगदान दिया.
इसके अलावा, The Climate Pledge ने हाल ही में SuperEV नाम का एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है. इसका उद्देश्य चार्जिंग, वाहन, वित्तपोषण और नवीकरणीय ऊर्जा तक पहुंच को एक ही जगह उपलब्ध कराकर कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना आसान बनाना है.
अमेजन और टाटा मोटर्स की यह साझेदारी भारत में इलेक्ट्रिक माल ढुलाई का दायरा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. हालांकि, इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन ट्रकों की चरणबद्ध तैनाती, चार्जिंग नेटवर्क की उपलब्धता और परिचालन लागत में होने वाले बदलावों के आधार पर किया जा सकेगा.
टैग्स