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मुंबई रिफाइनरी के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 250 करोड़ रुपये खर्च करेंगी टाटा पावर और BPCL
BPCL की मुंबई रिफाइनरी में 90 मेगावाट बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए विकसित होगा 110 केवी का पावर नेटवर्क, 24 महीने में पूरा होने की उम्मीद
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
टाटा पावर (Tata Power) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने मुंबई रिफाइनरी के लिए 110 किलोवोल्ट (kV) का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 250 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति जताई है. प्रस्तावित नेटवर्क का इस्तेमाल रिफाइनरी में पेट्रो रेसिड फ्लूडाइज्ड कैटेलिटिक क्रैकिंग यूनिट (PRFCCU) की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा. इस परियोजना पर कुल 14,203 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है.
दोनों कंपनियों ने इस इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस परियोजना को पूरा होने में करीब 24 महीने लगने की उम्मीद है. टाटा पावर 110 केवी का पावर कनेक्शन उपलब्ध कराने के साथ इससे जुड़े बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की डिजाइनिंग और विकास का काम भी करेगी.
90 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी पूरी
BPCL की PRFCCU परियोजना की प्रोसेसिंग क्षमता सालाना 30 लाख मीट्रिक टन (3 MMTPA) है. यह BPCL की उन परियोजनाओं में दूसरी सबसे बड़ी परियोजना है, जिन पर फिलहाल काम चल रहा है. वहीं, मुंबई रिफाइनरी में शुरू की गई यह अब तक की सबसे बड़ी परियोजना है.
इस यूनिट को संचालित करने के लिए 90 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी. प्रस्तावित पावर इंफ्रास्ट्रक्चर इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा. इससे रिफाइनरी की परिचालन संबंधी जरूरतों के मुताबिक बिजली कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
ट्रॉम्बे में 400 केवी ट्रांसमिशन सुविधा विकसित करने की योजना
इस बीच, टाटा पावर अगले पांच वर्षों में मुंबई के ट्रॉम्बे में 400 केवी की ट्रांसमिशन सुविधा विकसित करने की भी योजना बना रही है. इस प्रस्तावित सुविधा का उद्देश्य कंपनी के ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करना और मुंबई के औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की क्षमता बढ़ाना है.
110 केवी के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर टाटा पावर और BPCL का प्रस्तावित निवेश मुंबई रिफाइनरी की एक बड़ी परियोजना की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है. वहीं, ट्रॉम्बे में प्रस्तावित 400 केवी ट्रांसमिशन सुविधा से शहर के औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
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