होम / बिजनेस / बारिश से प्रभावित फसल पर राहत: गेहूं के गुणवत्ता मानकों में ढील, MSP पर पूरी खरीद का भरोसा
बारिश से प्रभावित फसल पर राहत: गेहूं के गुणवत्ता मानकों में ढील, MSP पर पूरी खरीद का भरोसा
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि रियायती मानकों के बावजूद किसानों को मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य में कोई कमी नहीं होगी. गेहूं की खरीद ₹2,585 प्रति क्विंटल के MSP पर ही की जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 days ago
केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2026-27 विपणन सत्र के लिए गेहूं के गुणवत्ता मानकों में महत्वपूर्ण ढील देने का फैसला किया है. बेमौसम बारिश से प्रभावित फसल को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो.
बारिश से प्रभावित फसल के लिए विशेष राहत
कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद केंद्र ने पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश से प्रभावित गेहूं के लिए गुणवत्ता मानकों में ढील दी है. यह फैसला राज्य सरकार और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अनुरोध पर लिया गया, ताकि खराब मौसम से प्रभावित किसानों को नुकसान से बचाया जा सके.
नए गुणवत्ता मानकों में क्या बदलाव
संशोधित दिशानिर्देशों के तहत अब एफसीआई पंजाब में ऐसे गेहूं की खरीद करेगा जिसमें:
- 70% तक चमक खो चुकी हो
- 15% तक सिकुड़े हुए दाने हों (पहले सीमा 6% थी)
- हल्के और क्षतिग्रस्त दानों की मात्रा भी तय सीमा तक स्वीकार की जाएगी
इस फैसले से बड़ी मात्रा में गेहूं सरकारी खरीद के दायरे में आ सकेगा.
भंडारण और गुणवत्ता की जिम्मेदारी राज्य पर
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि रियायती मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से भंडारित और दर्ज किया जाएगा. भंडारण के दौरान गुणवत्ता में किसी भी गिरावट की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी. इसके अलावा, इस श्रेणी में आने वाले गेहूं की समय से पहले खरीद की जाएगी और उससे जुड़ी अतिरिक्त लागत भी राज्य को ही उठानी होगी.
MSP पर कोई कटौती नहीं
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि रियायती मानकों के बावजूद किसानों को मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य में कोई कमी नहीं होगी. गेहूं की खरीद ₹2,585 प्रति क्विंटल के MSP पर ही की जाएगी.
खरीद प्रक्रिया में तेजी की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से केंद्रीय पूल के लिए गेहूं की खरीद में तेजी आएगी और किसानों को राहत मिलेगी. साथ ही, यह कदम कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और किसानों के भरोसे को मजबूत करने में मदद करेगा.
टैग्स