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बैन कैपिटल डील पर RBI ने उठाए सवाल, मणप्पुरम फाइनेंस के शेयर धड़ाम

मणप्पुरम फाइनेंस के शेयरों में आई तेज गिरावट यह दिखाती है कि बड़े निवेश सौदों में नियामकीय मंजूरी कितनी अहम होती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

NBFC सेक्टर की दिग्गज कंपनी मणप्पुरम फाइनेंस के शेयरों में शुक्रवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक आपत्ति ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते शेयर एक ही दिन में करीब 10 प्रतिशत टूट गए. गिरावट की वजह बैन कैपिटल की प्रस्तावित हिस्सेदारी डील को लेकर सामने आई नियामकीय अड़चन मानी जा रही है.

शेयरों में क्यों आई भारी गिरावट

9 जनवरी को कारोबार के दौरान मणप्पुरम फाइनेंस के शेयर 278.55 रुपये तक फिसल गए. यह गिरावट एक मीडिया रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें कहा गया कि RBI ने कंपनी में बैन कैपिटल द्वारा कंट्रोलिंग हिस्सेदारी लेने की योजना पर आपत्ति जताई है. इस खबर के बाद निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी और शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली.

RBI ने डील पर क्यों जताई आपत्ति

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, RBI ने इस निवेश सौदे को लेकर कुछ गंभीर नियामकीय चिंताएं उठाई हैं. इन आपत्तियों को दूर करने के लिए बैन कैपिटल भारत में अपने निवेश वाहन टाइगर कैपिटल में चरणबद्ध तरीके से हिस्सेदारी घटाने के विकल्पों पर विचार कर रही है. हालांकि, इस रिपोर्ट की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है.

क्या थी बैन कैपिटल–मणप्पुरम डील

मणप्पुरम फाइनेंस ने मार्च 2025 में बैन कैपिटल एशिया के साथ करीब 4,385 करोड़ रुपये के निवेश समझौते की घोषणा की थी. इस डील के तहत बैन कैपिटल को कंपनी में लगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलनी थी. निवेश प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए इक्विटी शेयर और वारंट्स के रूप में किया जाना था.

डील के अनुसार, बैन कैपिटल की इकाई BC Asia Investments XXV Limited को 236 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 9.29 करोड़ इक्विटी शेयर मिलने थे. इसके अलावा, BC Asia Investments XIV Limited को इतने ही वारंट्स जारी होने थे, जिन्हें बाद में इक्विटी शेयर में बदला जा सकता था.

प्रमोटर स्ट्रक्चर में भी होना था बदलाव

इस निवेश के पूरा होने और ओपन ऑफर के बाद बैन कैपिटल को मौजूदा प्रमोटर्स वीपी नंदकुमार और सुषमा नंदकुमार के साथ ज्वाइंट प्रमोटर के रूप में वर्गीकृत किया जाना था. माना जा रहा है कि कंट्रोल और प्रमोटर क्लासिफिकेशन से जुड़े पहलुओं पर RBI की आपत्तियां सामने आई हैं.

कंपनी और निवेशक की चुप्पी

खबर लिखे जाने तक मणप्पुरम फाइनेंस या बैन कैपिटल की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. दोपहर करीब 3.15 बजे शेयर लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 284.8 रुपये के आसपास कारोबार करते दिखे.

निवेशकों के लिए आगे क्या मायने

बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक RBI की आपत्तियों पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक मणप्पुरम फाइनेंस के शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. निवेशकों की नजर अब कंपनी की ओर से आने वाले आधिकारिक स्पष्टीकरण और डील के भविष्य पर टिकी हुई है.


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