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अप्रैल में बढ़ा भारत का व्यापार घाटा, सोने के आयात पर सख्ती से चालू खाता घाटे को मिल सकती है राहत: रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार, सोने के आयात पर सख्ती के चलते चालू खाता घाटा (CAD) कुछ हद तक कम हो सकता है. बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए CAD का अनुमान GDP के 1.8 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत का व्यापार घाटा अप्रैल 2026 में बढ़कर 28.4 अरब डॉलर पहुंच गया. मार्च में यह 20.7 अरब डॉलर था. तेल और सोने के आयात में तेज बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह रही. हालांकि निर्यात में हाल के महीनों की तुलना में मजबूत बढ़त दर्ज की गई है. यस बैंक (Yes Bank) की इकोनॉमिक्स रिसर्च टीम की रिपोर्ट के मुताबिक. घरेलू मांग मजबूत रहने से आयात तेजी से बढ़ रहा है. जबकि निर्यात वृद्धि अभी उस गति को पूरी तरह संतुलित नहीं कर पा रही है.
अप्रैल में निर्यात में मजबूत सुधार
अप्रैल में भारत का कुल निर्यात सालाना आधार पर 13.8 प्रतिशत बढ़कर 43.6 अरब डॉलर पहुंच गया. मार्च में इसमें 7.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी. पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई. यह एक महीने में 85.1 प्रतिशत बढ़ा. वैश्विक कीमतों में उछाल इसका बड़ा कारण रहा. इसके अलावा रत्न एवं आभूषण. इलेक्ट्रॉनिक सामान और लौह अयस्क के निर्यात में भी बढ़त दर्ज की गई. हालांकि गैर-तेल निर्यात में केवल 0.7 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई और यह 34 अरब डॉलर पर पहुंचा. इससे साफ संकेत मिलता है कि ऊर्जा क्षेत्र को छोड़कर निर्यात की रफ्तार अभी भी कमजोर बनी हुई है.
आयात बिल में भी तेज उछाल
अप्रैल में कुल आयात बिल 71.9 अरब डॉलर रहा. यह सालाना आधार पर 10 प्रतिशत अधिक है. गैर-तेल और गैर-सोना आयात 47.7 अरब डॉलर पर मजबूत बना रहा. तेल आयात बिल मार्च के 12.2 अरब डॉलर से बढ़कर अप्रैल में 18.6 अरब डॉलर हो गया. रिपोर्ट के मुताबिक. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में युद्धविराम की घोषणा के बाद तेल आपूर्ति में फिर से तेजी आई. वहीं, सोने का आयात 83.8 प्रतिशत बढ़कर 5.6 अरब डॉलर पहुंच गया. अप्रैल में कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी 7.8 प्रतिशत रही.
सरकार ने सोने के आयात पर बढ़ाई सख्ती
सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी पर आयात शुल्क 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है. साथ ही कृषि एवं अवसंरचना विकास उपकर (AIDC) को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया है. इससे कुल प्रभावी आयात शुल्क 15 प्रतिशत हो गया है.
इसके अलावा एडवांस ऑथराइजेशन योजना के तहत निर्माताओं के लिए 100 किलोग्राम तक की आयात सीमा तय की गई है. नई लाइसेंस शर्तों के तहत कम से कम 50 प्रतिशत पुराने निर्यात दायित्व पूरे करना भी जरूरी होगा. यस बैंक का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में सोने का आयात घटकर करीब 420 टन रह सकता है. जबकि वित्त वर्ष 2026 में यह लगभग 720 टन रहने का अनुमान है.
चालू खाता घाटे के अनुमान में सुधार
रिपोर्ट के अनुसार, सोने के आयात पर सख्ती के चलते चालू खाता घाटा (CAD) कुछ हद तक कम हो सकता है. बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए CAD का अनुमान GDP के 1.8 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया है.
ब्रेंट क्रूड की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल रहने के अनुमान के आधार पर बैंक का कहना है कि केवल सोने के आयात में कमी से करीब 23 अरब डॉलर की बचत हो सकती है. अब वित्त वर्ष 2027 में सोने के कुल आयात का अनुमान 57 अरब डॉलर लगाया गया है. इससे पहले यह अनुमान 80 अरब डॉलर था.
रुपये पर दबाव बना रह सकता है
हालांकि चालू खाता घाटे में राहत के बावजूद यस बैंक ने चेतावनी दी है कि पूंजी प्रवाह पर दबाव बना रह सकता है. बैंक के मुताबिक. भुगतान संतुलन घाटा 30 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि डॉलर के मुकाबले रुपया साल के मध्य तक 97 से 97.50 के स्तर तक पहुंच सकता है.
सेवा क्षेत्र का शुद्ध अधिशेष अप्रैल में थोड़ा घटकर 20.6 अरब डॉलर रह गया. मार्च में यह 20.9 अरब डॉलर था. सेवा निर्यात महीने-दर-महीने 2.5 प्रतिशत घटा. हालांकि सालाना आधार पर इसमें 13.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
केवल सोना नियंत्रण से नहीं सुलझेगी चुनौती
यस बैंक का कहना है कि केवल सोने के आयात पर रोक लगाने से भुगतान संतुलन की पूरी समस्या हल नहीं होगी. असली चुनौती ऐसे समय में पर्याप्त विदेशी पूंजी निवेश आकर्षित करना है. जब वैश्विक बाजार में जोखिम लेने की क्षमता कमजोर बनी हुई है और रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है.
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