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IndusInd बैंक मामले पर बोले RBI गर्वनर, कहा- यह एक 'घटना' है, 'बैंकिग की विफलता नहीं’
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत का बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि इंडसइंड बैंक और न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक में गड़बड़ी कुछ घटनाएं हैं, बैंकिंग सिस्टम की नाकामी नहीं है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि देश की बैंकिंग व्यवस्था "सुरक्षित और भरोसेमंद" है. उन्होंने IndusInd बैंक में हुई अकाउंटिंग की गड़बड़ियों और New India Cooperative Bank पर लगी पाबंदियों को "घटनाएं" बताया, न कि "विफलताएं". गवर्नर से मीडिया ने यह पूछा था कि क्या ये घटनाएं पूरे बैंकिंग सिस्टम के लिए चिंता की बात हैं. इस पर उन्होंने कहा कि हमारे देश में 10,000 से ज़्यादा नॉन-बैंकिंग संस्थाएं और करीब 1,500 कोऑपरेटिव बैंक हैं, ऐसे में कभी-कभी इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि पूरा सिस्टम या वो बैंक पूरी तरह फेल हो गया है.
बैंकिंग प्रणाली है 'सुरक्षित और मजबूत'
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, "ये विफलताएं नहीं हैं, ये सिर्फ घटनाएं हैं. जब सिस्टम इतना बड़ा हो और इसमें इतनी सारी संस्थाएं हों, तो ऐसा कभी-कभी होता रहेगा." उन्होंने यह भी जोड़ा कि "पूरा बैंकिंग सिस्टम अब भी सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद है." गवर्नर ने बताया कि पिछले 8-9 सालों में 1,500 कोऑपरेटिव बैंकों में से सिर्फ करीब 70 बैंकों को ही कोई समस्या हुई है, जो बहुत ही छोटा हिस्सा है. IndusInd Bank के प्रबंधन को काम करते रहने देने के सवाल पर डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जनकिरामन ने कहा कि जांच चल रही है. जैसे ही जांच के नतीजे सामने आएंगे, ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी और जो भी ज़िम्मेदार होंगे, उन्हें पहचाना जाएगा.
IndusInd बैंक मामला
याद दिला दें कि 10 मार्च को IndusInd Bank ने बताया था कि उसके विदेशी मुद्रा (forex derivatives) से जुड़े एक खाते में कई सालों से गड़बड़ी हो रही थी. RBI के कहने पर बैंक ने यह बात स्वीकार की. बैंक ने यह भी कहा कि इस गड़बड़ी से उसकी कुल संपत्ति (net worth) पर लगभग 2.35% का असर पड़ेगा. दिसंबर 2024 में बैंक की कुल संपत्ति ₹64,000 करोड़ थी.
हालांकि बैंक ने नुकसान की सही राशि नहीं बताई, लेकिन माना जा रहा है कि यह नुकसान करीब ₹2,100 करोड़ का हो सकता है. RBI ने बैंक से कहा कि यह नुकसान मार्च तिमाही के खाते में दिखाया जाए और किसी बाहरी एजेंसी से ऑडिट भी करवाया जाए. इसके बाद हिंदुजा ग्रुप के इस बैंक ने PwC को ऑडिट के लिए नियुक्त किया और एक दूसरी एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट भी करवाई जा रही है. यह बयान ऐसे समय आया है जब बैंक पर निगरानी बढ़ गई है. हालांकि RBI ने कहा कि इस तरह की अलग-अलग घटनाओं से पूरे बैंकिंग सिस्टम की ताकत को कम नहीं समझना चाहिए.
न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक संकट
वहीं, New India Cooperative Bank का मामला फरवरी 2025 में सामने आया, जब ₹122 करोड़ की धोखाधड़ी हुई. इस मामले में गिरफ्तारियां हुईं, संपत्तियां जब्त की गईं और RBI ने बैंक पर सख्त पाबंदियां लगाईं, जिनमें खाताधारकों के पैसे निकालने पर रोक भी शामिल है. गवर्नर मल्होत्रा ने कहा, “हमारा मकसद ऐसे मामलों की संख्या और असर को कम करना है, और इसके लिए हम नियमों की निगरानी, बैंक की आंतरिक जांच व्यवस्था और मिलकर काम करने पर जोर दे रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा, “हमारे पास कई उपाय हैं—नियम, निगरानी, और खुद बैंकों की अपनी जांच टीमें होती हैं—जैसे बिजनेस यूनिट, कंप्लायंस टीमें और ऑडिट. हम सबको मिलकर सिस्टम को बेहतर बनाते रहना होगा.”
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