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"मुझे आज भी 2008 में कहे उनके वे शब्द याद हैं", पढ़िए कैसी शख्सियत थे राकेश झुनझुनवाला

"प्रिय "भैया जी" से मेरी पहली मुलाकात साल 2006 में हुई थी. व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलना एक तरह से सपना सच होने जैसा था."

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

जय प्रकाश गुप्ता
(लेखक Dhan के फाउंडर हैं)

आज रविवार की सुबह सुहानी नहीं रही. "बिग बुल", "भारत के वॉरेन बफे" के नाम से मशहूर राकेश झुनझुनवाला के खोने की खबर ने मुझे, पूरी दुनिया को और "भैया जी (राकेश झुनझुनवाला)"  के करीबी शेयर बाजार सर्कल को चौंका दिया. यह उन लाखों लोगों के लिए भी चौंकाने वाली खबर थी, जिनके लिए वह एक प्रेरणा थे.

निवेश राशि 46,000 करोड़ रुपये
5 जुलाई, 1960 को जन्मे राकेश जी मुंबई में ही पले-बढ़े, जहां उनके पिताजी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में अधिकारी थे. उन्होंने 1985 में शेयर बाजार में सिर्फ 5000 रुपए से निवेश करना शुरू किया था और अगस्त, 2022 तक उनकी निवेश राशि लगभग 46,000 करोड़ रुपये थी. उन्होंने ज्यादातर निवेश RARE Enterprises के माध्यम से की थी. RARE में RA का मतलब राकेश और RE का मतलब रेखा है.

राकेश जी हमेशा किंग साइज लाइफ जीते थे
राकेश जी हमेशा किंग साइज लाइफ जीते थे. भारत की विकास को लेकर वे हमेशा आश्वस्त रहते थे. भारत को लेकर उनका विश्वास गजब का था. उनका आभामंडल और कद ऐसा था कि कोई भी खुदरा निवेशक आंख बंदकर उस शेयर को खरीद लेता था जिसमें राकेश झुनझुनवाला ने निवेश किया था. राकेश जी हमेशा खुदरा निवेशकों को सचेत करते रहते थे और कहते थे- आप उधार ज्ञान से लाभ नहीं उठा सकते.

पहली मुलाकात साल 2006 में हुई
प्रिय "भैया जी" से मेरी पहली मुलाकात साल 2006 में हुई थी. व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलना एक तरह से सपना सच होने जैसा था. इसके बाद अगले कुछ वर्षों तक मैं उनसे उनके नरीमन पॉइंट वाले ऑफिस में मिलता रहा. इसके अलावा शुक्रवार को जेफ्री (मरीन ड्राइव में होटल मरीन प्लाजा में एक पब) में मिलता था. मार्केट क्लोज हो जाने के बाद ये उनका हैंगआउट प्लेस था.

वित्तीय बाजार और अर्थव्यवस्था की गहरी समझ
राकेश जी की वित्तीय बाजार और अर्थव्यवस्था की गहरी समझ हमेशा अतुलनीय रहेगी. 2008 में जब बाजार क्रैश हो गया और सेंसेक्स 9000 के स्तर से नीचे गिर गया, मुझे अभी भी उनके शब्द याद हैं. उन्होंने कहा था कि यह एक पीड़ादायक समय है, लेकिन भारत की दीर्घकालिक विकास कहानी अभी भी बरकरार है.

राकेश जी को बहुत मिस करेंगे
हम भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं. ऐसे में हम एक राष्ट्र के रूप में निवेश के लिए सबसे अच्छे बाजारों में से एक बनने की ओर अग्रसर हैं. विडंबना यह है कि भारत की विकास गाथा का सबसे बड़ा भरोसेमंद इस गौरव को देखने के लिए अब हमारे बीच नहीं होगा. राकेश जी हम सब आपको बहुत मिस करेंगे. आप हमेशा हमारे दिल और दिमाग में बने रहेंगे.

VIDEO: प्रधानमंत्री मोदी के पास कितने करोड़ की है संपत्ति


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