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PM नरेंद्र मोदी ने किया वाढवण पोर्ट प्रोजेक्ट का शिलान्यास, जानिए कितने हजार करोड़ हो रहे खर्च?
PM Narendra Modi ने वाढवण पोर्ट प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया. ये प्रोजेक्ट भारत की समुद्री कनेक्टिविटी बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार यानी 30 अगस्त को मुंबई और पालघर में कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया. नरेंद्र मोदी ने लगभग 76,000 करोड़ रुपये की लागत वाली वाढवण पोर्ट प्रोजेक्ट (Vadhavan Port Project) का शिलान्यास भी किया, जिसे बनाने का मुख्य उद्देश्य एक विश्व स्तरीय समुद्री प्रवेश द्वार स्थापित करना है. यह अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे ट्रांजिट समय और लागत को कम किया जा सकेगा. तो चलिए आपको इस प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराते हैं.
यहां तैयार हो रहा है पोर्ट
वाढवण पोर्ट महाराष्ट्र के पालघर जिले के दहानू शहर के नजदीक तैयार किया जा रहा है. इसे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी और महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड की ओर से गठित ऑर्गनाइजेशन कर रही है. इस ऑर्गनाइजेशन का नाम वाढवण पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड रखा गया है. वाढवण पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत और महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के पास 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है.
ये है प्रोजेक्ट का उद्देश्य
इस पोर्ट को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) प्रोजेक्ट के तौर पर तैयार किया जा रहा है. इस पोर्ट की क्षमता 15 मिलियन टीईयू होगी. इसके निर्माण का प्रमुख उद्देश्य एक वर्ल्ड क्लास समुद्री एंट्री प्वाइंट स्थापित करना है. इस पोर्ट के निर्माण के बाद देश के कारोबार और इकोनॉमिक ग्रोथ में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. इसके बनने से देश के व्यापार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा. ये देश का 13वां पोर्ट होगा, जबकि पहला ऑफशोर पोर्ट होने जा रहा है.
हर मौसम में खुला रहेगा पोर्ट
इस पोर्ट की सबसे बड़ी खासियत ये होगी कि इस पर किसी भी मौसम का असर देखने को नहीं मिलेगा. सभी मौसम के अनुकूल ये पोर्ट हमेशा खुला रहेगा. वहीं, दूसरी ओर वाढवण पोर्ट गहरे पानी में स्थित सबसे बड़े पोर्ट में से एक होगा. इस पोर्ट का ड्राफ्ट 80 मीटर से ज्यादा होगा, जिससे बड़े कंटेनर की आवाजाही आसानी से हो सकेगी.
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देश की समुद्री कनेक्टीविटी में होगा इजाफा
इस पोर्ट के निर्माण के बाद देश की समुद्री कनेक्टीविटी में इजाफा होगा. खास बात तो ये है कि इस पोर्ट से इंटरनेशनल शिपिंग रूट्स की कनेक्टीविटी हो सकेगी, जिसकी वजह से ट्रांजिट टाइम और कॉस्ट दोनों में कमी देखने को मिलेगी. इस पोर्ट में एडवांस तकनीक और इंफ्रा देखने को मिलेगा. इसमें गहरे बर्थ, कुशल कार्गो हैंडलिंग सुविधाएं और एडवांस पोर्ट मैनेज्मेंट सिस्टम शामिल होगा. जब ये पोर्ट बनकर तैयार हो जाएगा तो दुनिया के टॉप 10 कंटेनर पोर्ट में से एक होगा. वाढवण पोर्ट के कंस्ट्रक्शन को दो फेज में पूरा किया जाएगा. पहले फेज का निर्माण 2029 तक पूरा होगा और दूसरे फेज को कंप्लीट होने में 2039 तक का समय लगने की उम्मीद है.
महाराष्ट्र की इकोनॉमी को होगा फायदा
इस पोर्ट के निर्माण से हजारों लोगों को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट जॉब मिल सकेंगी. इस पोर्ट के निर्माण के बाद लोकल बिजनेस को काफी फायदा होगा. इसके अलावा पूरे महाराष्ट्र की इकोनॉमी बढ़ने की उम्मीद है. इस बंदरगाह के शुरू होने के बाद भारत को ग्लोबल बिजनेस सेंटर के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी.
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