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देश के लोग कर रहे हैं तुर्की का बॉयकॉट, भारतीय बोले- न उनके सेब खाएंगे, न मार्बल मगाएंगे
उदयपुर के संगमरमर के कारखानों से लेकर पुणे के फल बाजारों तक, भारतीय व्यापारी और उपभोक्ता तुर्की के सामानों से दूरी बना रहे हैं और कह रहे हैं कि बिजनेस को राष्ट्रीय हित से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय सेना के द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया. इस हमले का भारत ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया. हालांकि, कुछ देशों ने आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान का भी पक्ष लिया. तुर्की भी पाकिस्तान का समर्थन करने वालों में शामिल है. उदयपुर के संगमरमर के कारखानों से लेकर पुणे के फल बाजारों तक, भारतीय व्यापारी और उपभोक्ता तुर्की के सामानों से दूरी बना रहे हैं और कह रहे हैं कि व्यापार को राष्ट्रीय हित से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए.
थोक और खुदारा बाजार में बढ़ी सेब की कीमत
थोक बाजार में 10 किलो सेब की कीमत में 200 से 300 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. वहीं खुदरा बाजार में 20 से 30 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. तुर्की द्वारा पाकिस्तान को समर्थन के कारण पुणे के व्यापारी नाराज हो गए हैं. इसलिए, व्यापारियों ने अब तुर्की के सेब के बजाय ईरान, वाशिंगटन और न्यूजीलैंड के सेब को प्राथमिकता दी है.
भारत-पाक तनाव का असर सेब व्यापार पर
मंडी परिसर में सेब विक्रेता गुरुदेव दत्त फ्रूट एजेंसी के सत्यजीत जेंडे ने बताया कि ईरानी, वाशिंगटन और न्यूजीलैंड के सेबों के दाम में 200 से 300 रुपये प्रति पेटी की बढ़ोतरी हुई है. सेब घरेलू के साथ-साथ विदेशों से भी बाजार में आते हैं. भारत-पाकिस्तान तनाव का विदेशी सेब व्यापार पर असर पड़ा है.बता दें कि व्यापारियों ने अपने देश और राष्ट्र को सर्वोपरि रखा है और तुर्की से खरीदारी करने से परहेज किया है.
अब ‘तुर्की’ से नहीं आएगा मार्बल
भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच उदयपुर के मार्बल व्यापारियों ने पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्की के साथ काम बंद कर दिया है. उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स कमेटी के अध्यक्ष कपिल सुराना इस पर कहते हैं कि ‘उदयपुर एशिया का सबसे बड़ा मार्बल निर्यातक है. कमेटी के सभी सदस्यों ने मिलकर ये फैसला लिया है कि वह तुर्की के साथ व्यापार बंद कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि ‘भारत में आयात होने वाले मार्बल का 70 फीसदी तुर्की से ही आता है.’
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