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सरकार ने ऐसा क्या कहा कि Paytm जैसी कंपनियों के चेहरे पर आ गई शिकन? 

रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद से Paytm को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, कंपनी के शेयरों में अब मजबूती दिखाई दे रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

रिजर्व बैंक (RBI) की कार्रवाई के बाद से मुश्किलों का सामना कर रही पेटीएम (Paytm) उन तमाम कंपनियों के लिए एक उदाहरण हैं, जो कानून के पालन को लेकर गंभीरता नहीं दिखातीं. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने यही बात कंपनियों को समझाने की कोशिश की है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि कानून का पालन सभी को हर हाल में करना होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक (PPBL) पर RBI की कार्रवाई ने फाइनेंशियल टेक्‍नोलॉजी (फिनटेक) कंपनियों का ध्यान कानून के अनुपालन के महत्व की ओर खींचा है. 

सभी को देना होगा ध्यान
चंद्रशेखर ने आगे कहा कि रेगुलेटरी कम्‍प्‍लायंस कंपनियों के लिए वैकल्पिक नहीं हो सकता. यह एक ऐसा पहलू है जिस पर हर किसी को पूरा ध्यान देना चाहिए. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि PPBL ऐसा मामला है जहां एक आक्रामक उद्यमी नियामकीय अनुपालन की जरूरत को महसूस करने में असफल रहा. कोई भी कंपनी, चाहे वह भारत की हो या विदेश की, बड़ी हो या छोटी, उसे देश के कानून का पालन हर हाल में करना होगा. 

इस रूप में देखना गलत
चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि यह पीपीबीएल पर आरबीआई की कार्रवाई को फिनटेक क्षेत्र को परेशान करने के रूप में देखा सही नहीं है. हम इस बात से सहमत नहीं हैं कि पेटीएम बैंक मुद्दे ने पूरी फिनटेक इंडस्ट्री के लिए चिंता बढ़ा दी है. मुझे लगता है कि इस कार्रवाई ने फिनटेक उद्यमियों का ध्यान इस ओर खींचा है कि आपको यह भी जानना होगा कि कानून का अनुपालन कैसे करना है. रेगुलेटरी कंप्लायंस दुनिया के किसी भी देश के लिए वैकल्पिक नहीं है और उद्यमियों को इस पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है. राजीव चंद्रशेखर की ये बातें सभी कंपनियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि नियमों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों का हाल Paytm जैसा होगा.

इधर, शेयरों को मिला सपोर्ट
RBI ने पेटीएम पेमेंट बैंक पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं, जिन्हें 29 फरवरी से अमल में आना था. लेकिन अब केंद्रीय बैंक ने इसकी डेडलाइन 15 मार्च कर दी है. इस बीच, Paytm ने अपने नोडल खाते को पेटीएम पेमेंट्स बैंक से हटाकर एक्सिस बैंक में ट्रांसफर कर दिया है. पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा पूरी कोशिश में लगे हैं कि कोई ऐसा रास्ता निकल जाए, जिससे Paytm के यूजर्स को 15 मार्च के बाद भी परेशानियों का सामना न करना पड़ा. इन सभी प्रयासों से Paytm के लुढ़कते शेयरों को कुछ सपोर्ट मिला है. कंपनी के शेयर शुक्रवार को 5 प्रतिशत के उछाल के साथ 341.30 रुपए पर पहुंच गए थे. 
 


 


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