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पैंटोमैथ ग्रुप को विश्वास - कायम रहेगी बाजार में बहार, सबसे ज्यादा फोकस में ये सेक्टर्स
रिपोर्ट कहती है कि रियल एस्टेट बाजार में सरकारी नीतियों और शहरीकरण के कारण मजबूत वृद्धि होने की संभावना है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
घरेलू वित्तीय समूह, पैंटोमैथ ग्रुप ने अपनी तिमाही रिपोर्ट "Market Kaleidoscope: Quarterly Market Insights" जारी की है, जिसमें मौजूदा बाजार रुझान, क्षेत्रीय प्रदर्शन और आर्थिक पूर्वानुमान शामिल हैं. यह रिपोर्ट भारतीय और वैश्विक पूंजी बाजारों का अवलोकन और भारतीय आईपीओ मार्केट के बारे में जानकारी प्रदान करती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में भारतीय बाजार सकारात्मक रहा. इसमें वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में मजबूत आय सत्र, आर्थिक आंकड़े और सकारात्मक वैश्विक संकेतों का प्रमुख योगदान रहा. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद जून की शुरुआत में इसमें अस्थिरता नजर आई. 2014 और 2019 की तुलना में सीटों में गिरावट के बावजूद, भाजपा ने सहयोगी दलों के समर्थन से 272 सीटें हासिल कीं, जिससे एनडीए तीसरी बार सत्ता में आई. इस परिणाम को दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है, जिससे नीतियों और सुधारों के लिए निरंतर आशावाद को बढ़ावा मिल रहा है और भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए मध्यम से दीर्घकालिक सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाई दे रहा है.
कॉर्पोरेट ग्रोथ में आएगी तेजी
रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी 3.0 की प्राथमिकताओं में बुनियादी ढांचा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्टार्टअप सपोर्ट, पावर डिस्ट्रीब्यूशन, हाइड्रोपावर पॉलिसी, डिजिटल गोपनीयता और आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य पहल शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में कॉर्पोरेट वृद्धि दर में उछाल की संभावना है. बाजार पूंजीकरण के मामले में भारत की उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध सभी शेयरों का कुल बाजार पूंजीकरण पहली बार 5 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया है, जिससे भारत अमेरिका, चीन, जापान और हांगकांग के बाद यह मुकाम हासिल करने वाला पांचवां देश बन गया है.
फोकस में शुगर सेक्टर
पैंटोमैथ ग्रुप की रिपोर्ट में उन सेक्टर्स का भी उल्लेख है जो फोकस में बने हुए हैं. रिपोर्ट कहती है कि सरकार द्वारा इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिए जाने के कारण चीनी क्षेत्र फोकस में बना हुआ है, जिसका लक्ष्य 2026 तक 20% ब्लेंडिंग टारगेट प्राप्त करना है. भाजपा के घोषणापत्र में इस नीति पर जोर दिया गया है, जिससे इथेनॉल-हैवी चीनी कंपनियों को लाभ होगा. इथेनॉल उत्पादन के लिए मल्टी-फीड डिस्टिलरी को बढ़ावा देने की सरकार की योजना का उद्देश्य गन्ने से परे फीडस्टॉक में विविधता लाना है, जिससे चीनी क्षेत्र की पारंपरिक फसलों पर निर्भरता कम हो सकती है और साथ ही भारत के जैव ईंधन लक्ष्यों को सहयोग मिल सकता है.
तेजी से बढ़ेगा रियल एस्टेट
रिपोर्ट आगे कहती है कि भारतीय रियल एस्टेट बाजार में सरकारी नीतियों और शहरीकरण के कारण मजबूत वृद्धि होने की संभावना है, जिसके लिए 2024 से 2026 तक 14 लाख करोड़ रुपए ($170 बिलियन) के ऋण वित्तपोषण की आवश्यकता होगी. मुंबई, NCR और बेंगलुरु को सबसे अधिक लाभ होने की उम्मीद है, इसकी वजह है कंस्ट्रक्शन फाइनेंस और लीज रेंटल डिस्काउंटिंग (LRD) में उल्लेखनीय वृद्धि. इसके अगले तीन वर्षों में 40% बढ़ने का अनुमान है. यह बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्रों के लिए भी सकारात्मक होगा. इसी तरह, सीमेंट, FMCG और ऑटोमोबाइल सेक्टर के भी तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत आगामी बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए FAME 3 योजना शुरू कर सकता है.
इन क्षेत्रों पर बुलिश है ग्रुप
पैंटोमैथ ग्रुप Auto एवं Auto Ancillary, Cement, Defence, Railways, Consumer Durables, Energy, Logistics, FMCG, Capital Goods एवं Engineering, Infrastructure, Construction, Banking और Financials जैसे प्रमुख सेक्टर्स पर बुलिश है. इन सेक्टर्स के आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने की पूरी उम्मीद है. रिपोर्ट में भारतीय स्टॉक मार्केट में तेजी बरकरार रहने की उम्मीद जताते हुए कहा गया है कि बाजार को मजबूत घरेलू बुनियादी बातों, सरकारी नीतियों और सुधारों का समर्थन प्राप्त है. इसलिए हमें मध्यम से लंबी अवधि के परिप्रेक्ष्य में बाजार को लेकर सकारात्मक हैं. Asit C Mehta Investment Interrmediates Limited (ACMIIL)की मैनेजिंग डायरेक्टर Deena Mehta का कहना है कि कॉर्पोरेट आय वृद्धि की गति, मजबूत जीएसटी संग्रह, कैपेक्स साइकिल रिवाइवल, मजबूत क्रेडिट वृद्धि, मजबूत घरेलू मांग, सकारात्मक ग्लोबल मार्केट ट्रेंड्स अर्थव्यवस्था की वृद्धि के सकारात्मक कारक हैं. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल, व्यापार घाटे में वृद्धि और भू-राजनीतिक चिंता निकट भविष्य में अनिश्चित जोखिम प्रकट करते हैं.
अच्छा रहा है आईपीओ बाजार
रिपोर्ट में भारत के आईपीओ मार्केट का भी जिक्र है. इसमें कहा गया है कि हाल के दिनों में भारतीय आईपीओ बाजार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है. दरअसल, स्टॉक एक्सचेंज में अपने शेयरों को सूचीबद्ध करने की इच्छा रखने वाली कंपनियों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि हुई है, साथ ही जुटाई गई पूंजी में भी इसी अनुपात में वृद्धि हुई है. यह ट्रेंड भारतीय वित्तीय परिदृश्य में मजबूती और गतिशीलता के दौर को दर्शाता है. 2025 की पहली छमाही में 35 मेनबोर्ड आईपीओ आए, जिन्होंने लगभग 32,000 करोड़ रुपए जुटाए. इन्हें औसतन 61 गुना सब्सक्राइब किया गया. ये कंपनियाँ कोवर्किंग स्पेस, फर्नीचर रिटेलिंग और ऑनलाइन टिकट बुकिंग जैसे विविध क्षेत्रों से थीं. अधिकांश आईपीओ में मजबूत खुदरा खरीदारी देखी गई, जो दर्शाता है कि घरेलू निवेशक नीति निरंतरता, विकास समर्थक सरकारी उपायों, सौम्य मुद्रास्फीति और ब्याज दर में कटौती की शुरुआत के बीच भारत के मजबूत विकास से उत्साहित हैं.
दूसरी छमाही में मिलेगा बढ़ावा
इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि हाल ही में संपन्न हुए चुनावों से वर्ष 25 की दूसरी छमाही में बाजार गतिविधि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. बेहतर बाजार भावना और संभावित रूप से स्थिर आर्थिक माहौल कंपनियों को अपने आईपीओ लाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. कुल मिलाकर, वित्तवर्ष 25 में IPO मार्केट के लिए एक मजबूत वर्ष रहने की उम्मीद है. इस मार्केट में आगे काफी हलचल देखने को मिल सकती है, क्योंकि 55 कंपनियां IPO के माध्यम से 68,000 करोड़ रुपए से अधिक जुटाने की योजना बना रही हैं.
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