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ईरान सप्लाई को लेकर चिंता घटी, तेल कीमतों में गिरावट से OMC शेयरों में तेजी

ईरान को लेकर भू-राजनीतिक तनाव में कुछ नरमी और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने तेल विपणन कंपनियों के शेयरों को मजबूती दी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के बीच ईरान से तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका कम होने से OMC शेयरों को सपोर्ट मिला.

HPCL, BPCL और IOC के शेयर चढ़े

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) का शेयर करीब 4 फीसदी चढ़कर ₹456.50 पर पहुंच गया और दो सत्रों की गिरावट का सिलसिला टूट गया. भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) के शेयर में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई और यह ₹367.75 पर कारोबार करता दिखा. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के शेयर भी करीब 2 फीसदी चढ़कर ₹162.15 तक पहुंच गए.

ट्रंप के बयान से कम हुई सप्लाई की चिंता

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट उस वक्त और तेज हो गई जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका फिलहाल ईरान के खिलाफ किसी तत्काल सैन्य कार्रवाई से पीछे हट सकता है. ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह भरोसा मिला है कि ईरान प्रदर्शनकारियों की हत्या बंद करेगा. इससे ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले की आशंका कम हुई और तेल उत्पादन व अहम शिपिंग रूट्स में बाधा की चिंता भी घटी.

ब्रेंट क्रूड फिसलकर 63.72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास

ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर करीब 63.72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई. यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में बाजार में तेल की आपूर्ति पर्याप्त रहने की उम्मीद है. मीडिया रिपोरिट्स के अनुसार, फिलिप नोवा की सीनियर मार्केट एनालिस्ट प्रियंका सचदेवा ने कहा, “भू-राजनीतिक जोखिमों और मैक्रो स्तर की अटकलों के बावजूद, बाजार में आपूर्ति संतुलन अभी भी पर्याप्त सप्लाई की ओर इशारा करता है.”

तेल कीमतें सीमित दायरे में रहने की संभावना

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक चीन की मांग में ठोस सुधार नहीं होता या सप्लाई में कोई बड़ी बाधा नहीं आती, तब तक तेल कीमतें सीमित दायरे में बनी रह सकती हैं. अनुमान है कि ब्रेंट क्रूड 57 से 67 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार करता रह सकता है.

बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी बना रहेगा

हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि बाजार में अस्थिरता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. IG के विश्लेषकों ने कहा, “ईरान से सप्लाई को लेकर जोखिम कुछ कम जरूर हुए हैं, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं. यही वजह है कि निकट अवधि में बाजार सतर्क बना रहेगा.”

कम कच्चा तेल, OMC कंपनियों के लिए फायदेमंद

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आमतौर पर OMC कंपनियों के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे इनपुट लागत घटती है और मार्जिन बेहतर होते हैं. ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, HPCL, BPCL और IOC का स्टैंडअलोन EBITDA तिमाही आधार पर 9% से 18% तक बढ़ सकता है. इसे मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और LPG मुआवजे से समर्थन मिलने की उम्मीद है.


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