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अब एक ही स्टेटमेंट में दिखेगी आपकी पूरी कमाई, बैंक से निवेश तक सब कुछ एक जगहो

एक ही स्टेटमेंट में पूरी फाइनेंशियल लाइफ का हिसाब मिलना न सिर्फ सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि लोगों को अपनी आर्थिक सेहत पर बेहतर नियंत्रण भी देगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

अगर आप भी हर महीने बैंक बैलेंस, पीएफ, म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार के निवेश का हिसाब अलग-अलग ऐप और स्टेटमेंट में खोजते रहते हैं, तो अब यह झंझट जल्द खत्म होने वाला है. दरअसल, देश के वित्तीय नियामक एक ऐसी व्यवस्था लाने की तैयारी में हैं, जिसके तहत आम लोगों को उनकी पूरी फाइनेंशियल स्थिति का ब्यौरा एक ही ‘सिंगल मंथली स्टेटमेंट’ में मिल जाएगा. तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

महीने के आखिर की टेंशन होगी खत्म

फिलहाल बैंक बैलेंस, म्यूचुअल फंड निवेश, इंश्योरेंस पॉलिसी और पीएफ की जानकारी के लिए लोगों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन करना पड़ता है. इससे न सिर्फ समय बर्बाद होता है बल्कि पूरी वित्तीय तस्वीर एक नजर में समझना भी मुश्किल हो जाता है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को हर महीने एक ऐसा स्टेटमेंट मिलेगा, जिसमें उनकी सेविंग्स और निवेश की पूरी तस्वीर साफ-साफ दिखाई देगी.

एक स्टेटमेंट में मिलेगा पूरा फाइनेंशियल स्नैपशॉट

प्रस्ताव यह है कि अलग-अलग स्टेटमेंट को जोड़ने की बजाय एक ‘सिंगल मंथली स्नैपशॉट’ जारी किया जाए. इसमें आपकी पूरी जमा-पूंजी, निवेश और बीमा से जुड़ी जानकारी एक ही जगह दिखाई देगी. इससे आम आदमी अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को आसानी से समझ और ट्रैक कर सकेगा.

SEBI, RBI और IRDAI के बीच मंथन तेज

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए बाजार नियामक सेबी ने पहल शुरू कर दी है. सेबी इस मुद्दे पर बैंकिंग रेगुलेटर RBI, बीमा रेगुलेटर IRDAI और पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA के साथ बातचीत कर रहा है. सेबी चाहता है कि मौजूदा ‘कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट’ यानी CAS के दायरे को और बड़ा किया जाए, ताकि इसमें सिर्फ शेयर और म्यूचुअल फंड ही नहीं बल्कि बाकी बचत और निवेश उत्पाद भी शामिल किए जा सकें.

अभी क्या मिलता है निवेशकों को

फिलहाल निवेशकों को हर महीने जो CAS मिलता है, उसमें सिर्फ डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड की जानकारी होती है. लेकिन नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद इसमें कई और चीजें जोड़ी जा सकती हैं.

नए स्टेटमेंट में क्या-क्या हो सकता है शामिल

नए सिस्टम के तहत स्टेटमेंट में इन जानकारियों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है.

1. आपके सभी बैंक खातों का बैलेंस.
2. प्रोविडेंट फंड (PF) की बचत.
3. इंश्योरेंस पॉलिसियों का विवरण.
4. बॉन्ड और अन्य निवेश.
5. छोटी बचत योजनाएं.
6. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की जानकारी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, PFRDA को भी इस सिस्टम में जोड़ा जा चुका है, जिससे पेंशन से जुड़ी जानकारी भी उसी स्टेटमेंट में दिखाई दे सके.

आम आदमी को क्या होगा फायदा

इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को अपनी पूरी फाइनेंशियल स्थिति समझने के लिए कई जगह भटकना नहीं पड़ेगा. एक ही स्टेटमेंट में उन्हें अपनी बचत, निवेश और बीमा की पूरी तस्वीर मिल जाएगी, जिससे बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग करना आसान हो जाएगा.


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