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अब ये कंपनी परेशान है एक ऐसी समस्‍या से, सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे

दरअसल मेटा जैसी दूसरी कंपनियां एप्‍पल और माइक्रोसॉफ्ट की तरह अपना शेयर बाईबैक नहीं लाती हैं. इसलिए उन्‍हें परेशानी का सामना करना पड़ता है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

किसी भी कंपनी के सामने जो सबसे बड़ी समस्‍या होती है वो है उसके मुनाफे में कमी की, या उसके फंड में कमी की, लेकिन क्‍या आपने कभी सुना है कि आखिर कोई कंपनी अपने वहां लगातार बढ़ते कैश से परेशान हो. उम्‍मीद है नहीं ही सुना होगा,  लेकिन ऐसा ही हुआ है. दरअसल अल्‍फाबेट इंक जोकि मेटा की मदर कंपनी है वो अपने वहां बढ़ते कैश की समस्‍या से परेशान है. कंपनी इस समस्‍या से परेशान है कि आखिर वो कैश को खर्च कहां करे.  ये अमेरिका एक नामी कंपनी अल्‍फाबेट इंक है जो जिसके प्रतिस्‍पर्धी गूगल और एप्‍पल जैसी कंपनियां हैं.

आखिर क्‍या है 118 बिलियन डॉलर की समस्‍या?
दरअसल ये समस्‍या ऐसे समय में आई है जब कंपनी ने दूसरे क्‍वार्टर में 29 बिलियन डॉलर कैश का मुनाफा कमाया है. कंपनी ने ये कमाई कई लोगों की जॉब कट, और घाटे में कमी लाकर ये  कैश बनाया है. इससे कंपनियों के पास कोई 118 बिलियन डॉलर की प्रतिभूतियां बच गई हैं. इतना पैसा नैसडैक की 100 कंपनियों में एप्‍पल के अलावा किसी के पास नहीं है. एप्‍पल के पास 167 बिलियन डॉलर की मार्केट सिक्‍यारिटीज हैं. 

आखिर क्‍यों है ये समस्‍या? 
अब सवाल ये है कि आखिर ये एक प्रॉब्‍लम क्‍यों हैं. जब बाजार में इसी बजट की दूसरी कंपनियां पहले से मौजूद हैं तो क्‍या उनके सामने ये समस्‍या पैदा नहीं होती है. जबकि एप्‍पल इस पैसे को शेयर बॉय-बैक के जरिए अपने स्‍टॉकहोल्‍डरों में दे देता है. लेकिन अल्‍फाबेट इस रास्‍ते को फॉलो नहीं करना चाहती है. जबकि अल्‍फाबेट के पास इसके बेहद ही कम विकल्‍प हैं. दरअसल अल्‍फाबेट ने अपना बॉयबैक बढ़ा दिया है. जबकि इससे पहले अल्‍फाबेट के कभी भी एप्‍पल और मोइक्रासाफ्ट की तरह डिविडेंड नहीं दिया है. जबकि माइक्रोसॉफ्ट पिछले साल के मुकाबले 69 बिलियन डॉलर का गेम मेकर एक्टिविजन में लगा चुका है. 

अब क्‍या करेगा अल्‍फाबेट? 
दरइसल इस पूरे मामले पर  जानकार ये कह रहे हैं लगातार बढ़ती जांच के दायरो के बीच अल्‍फाबेट फिलहाल किसी भी अधिग्रहण को करने नहीं जा रही है. अकेली अल्‍फाबेट नहीं बल्कि माइक्रोसॉफ्ट और रूंबा मेकर आईरोबोट भी अभी तक परेशानी का सामना कर रहे हैं. 
 


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