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गिफ्ट सिटी में बाजार की मनमानी पर अब कसेगा शिकंजा, IFSCA के नए नियम लागू
इनसाइडर ट्रेडिंग से लेकर शेयर कीमतों में हेरफेर तक पर सख्त निगरानी, नए फ्रेमवर्क में गलत जानकारी फैलाने और कृत्रिम मांग बनाने पर भी कार्रवाई
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
गिफ्ट सिटी के वित्तीय बाजार में इनसाइडर ट्रेडिंग, धोखाधड़ी और बाजार में हेरफेर करने वालों पर अब और सख्त कार्रवाई होगी. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) ने प्रतिभूति बाजारों में बाजार के दुरुपयोग को रोकने के लिए नया ‘मार्केट अब्यूज फ्रेमवर्क 2026’ अधिसूचित किया है. यह नया ढांचा गिफ्ट सिटी में लागू भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पुराने इनसाइडर ट्रेडिंग और धोखाधड़ी से जुड़े नियमों की जगह लेगा.
इनसाइडर ट्रेडिंग और हेरफेर पर सख्ती
नए नियमों के तहत धोखाधड़ी वाले लेनदेन, प्रतिभूतियों की कीमतों और बेंचमार्क में हेरफेर, कृत्रिम मांग पैदा करने, सर्कुलर ट्रेडिंग और गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है. इसके अलावा ऐसे ऑर्डर देना और बाद में रद्द करना भी नियमों के दायरे में आएगा, जिनका मकसद वास्तविक कारोबार करना नहीं बल्कि किसी प्रतिभूति की मांग, आपूर्ति या कीमत को कृत्रिम रूप से प्रभावित करना हो.
गलत खबर फैलाने पर भी कार्रवाई
नए फ्रेमवर्क में डिजिटल और फिजिकल मीडिया के जरिए गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने पर भी रोक लगाई गई है. ऐसी जानकारी भी प्रतिबंधित होगी, जिससे निवेशक किसी प्रतिभूति को खरीदने या बेचने के लिए प्रभावित हो सकते हैं. ग्राहक की अनुमति के बिना ट्रेड करना और कृत्रिम ट्रेडिंग गतिविधियां चलाना भी बाजार दुरुपयोग की श्रेणी में आएगा.
इनसाइडर्स के लिए क्या हैं नियम?
नए नियमों के तहत किसी कंपनी या बाजार से जुड़ी ऐसी अहम जानकारी रखने वाले व्यक्ति, जो अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, उसे बिना वैध कारण साझा नहीं कर सकेंगे. ऐसी जानकारी रखने वाले व्यक्ति को संबंधित प्रतिभूतियों में खुद ट्रेड करने या किसी अन्य व्यक्ति से ट्रेड करवाने की भी अनुमति नहीं होगी. इस तरह की गैर-सार्वजनिक महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर किए गए कारोबार को इनसाइडर ट्रेडिंग माना जाएगा.
बड़े ट्रेड की जानकारी देना जरूरी
नियंत्रक शेयरधारकों, निदेशकों और अन्य निर्धारित व्यक्तियों के लिए भी रिपोर्टिंग की व्यवस्था की गई है. उन्हें 25,000 डॉलर की तय तिमाही सीमा से अधिक के कारोबार की जानकारी दो कारोबारी दिनों के भीतर देनी होगी. सूचीबद्ध कंपनियों को ऐसी जानकारी मिलने के दो कारोबारी दिनों के भीतर संबंधित एक्सचेंज को इसकी सूचना देनी होगी. साथ ही कंपनी की वेबसाइट पर भी इसका खुलासा करना जरूरी होगा.
कंपनियों को मजबूत करना होगा आंतरिक नियंत्रण
नए नियमों के तहत सूचीबद्ध कंपनियों को बाजार के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी आंतरिक नियंत्रण और आचार संहिता तैयार करनी होगी. इन नियंत्रणों में अहम गैर-सार्वजनिक जानकारी की पहचान और उसकी गोपनीयता बनाए रखना, ऐसी जानकारी के अनधिकृत संचार को रोकना और उन कर्मचारियों की पहचान करना शामिल होगा, जिनकी ऐसी संवेदनशील जानकारी तक पहुंच है. इन व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा भी करनी होगी.
नियम तोड़ने पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई
IFSCA नियमों के उल्लंघन पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई कर सकता है. इसमें चेतावनी या निंदा से लेकर नियमन वाली इकाइयों या संबंधित व्यक्तियों का पंजीकरण रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल है. गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में गिफ्ट सिटी के नियामक ने कथित उल्लंघनों के मामलों में कार्रवाई तेज की है. इनमें जुर्माना लगाने और पंजीकरण रद्द करने जैसे कदम भी शामिल हैं.
पुराने SEBI नियमों की जगह नया फ्रेमवर्क
नए नियम लागू होने के साथ ही IFSCA में SEBI के ‘इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक लगाने वाले नियम, 2015’ और ‘प्रतिभूति बाजार से जुड़ी धोखाधड़ी एवं अनुचित व्यापार गतिविधियों पर रोक लगाने वाले नियम, 2003’ अब लागू नहीं होंगे. नए फ्रेमवर्क के जरिए IFSCA ने गिफ्ट सिटी के प्रतिभूति बाजार के लिए बाजार दुरुपयोग के मामलों से निपटने का एक व्यापक और एकीकृत नियामकीय ढांचा तैयार किया है.
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