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अब आरबीआई ने पर्सलन लोन और क्रेडिट कार्ड को लेकर जारी किए नए दिशा निर्देश

दरअसल पिछले कुछ समय में पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड में जबरदस्‍त इजाफा हुआ है. इनमें पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पिछले कुछ समय में कई तरह के कर्ज में हो रहे इजाफे को देखते हुए अब इन्‍हें लेकर कर्ज जोखिम बढ़ा दिया है. रिजर्व बैंक के इस फैसले के बाद पर्सलन लोन लेना और क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेना और कठिन हो सकता है. इन कर्ज में क्रेडिट कार्ड, पर्सलन लोन, जैसे कर्ज शामिल हैं. अब आरबीआई ने इस पर कर्ज जोखिम को बढ़ाकर 100 प्रतिशत से 125 प्रतिशत तक कर दिया है. वहीं आरबीआई ने सूची में आवास, कार लोन , गोल्‍ड लोन और शिक्षा लोन को शामिल नहीं किया है. इस तरह के कर्ज में पिछले कुछ सालों में 15 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है. 

क्‍या कहता है आरबीआई का नया नियम? 
आरबीआई के इस नए नियम के अनुसार, पिछले कुछ समय में असुरक्षित कर्ज में तेजी से इजाफा देखने को मिला है. जिन दो कैटेगिरी में इजाफा हुआ है उनमें पर्सलन लोन और क्रेडिट कार्ड शामिल हैं. इनमें पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत तक का इजाफा देखने को मिला है. आरबीआई ने सभी बैंकों के लिए इसे 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दिया है. सभी बैंकों ये लिए ये नया रिस्‍क वेट पर्सनल लोन पर लागू होगा जबकि एनबीएफसी के लिए खुदरा कर्ज पर लागू होगा. 

अब क्रेडिट कार्ड पर इतना होगा रिस्‍क वेट 
आरबीआई ने क्रेडिट कार्ड पर भी रिस्‍क वेट में इजाफा हुआ है. बैंकों के लिए क्रेडिट कार्ड पर रिस्‍क एक्‍सपोजर 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 150 प्रतिशत किया गया है. जबकि एनबीएफसी के लिए इसे 25 से बढ़ाकर 125 प्रतिशत किया गया है. इन दरों में इजाफे से पहले आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि वो ऐसे कर्ज की बढ़ती संख्‍या पर नजर बनाए हुए है. इसके बाद खबर ये भी आई थी कि आरबीआई 10 हजार रुपये तक के कर्ज को लेकर भी काफी चिंतित है. 

क्‍या होता है रिस्‍क वेट? 
रिस्‍क वेट वो होता है बैंक जितना अधिक जोखिम उठा रहा है, जमाकर्ताओं की सुरक्षा के लिए उतनी ही अधिक पूंजी की आवश्यकता है. अब आरबीआई ने कुछ कर्ज के लिए इसमें इजाफा कर दिया है. यानी अब अगर आप पर्सनल लोन लेते हैं तो आपको उसके लिए काफी मशक्‍कत करनी पड़ सकती है. बैंक से इसे लेना कठिन हो सकता है. 
 


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