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अभी और होंगी Paytm जैसी कार्रवाई, एक्शन की मिल गई है खुली छूट! 

रिजर्व बैंक ने नियमों के उल्लंघन को लेकर Paytm पेमेंट बैंक के खिलाफ कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

Paytm के खिलाफ रिजर्व बैंक (RBI) की करवाई के बाद उन कंपनियों में दहशत का माहौल है, जो नियमों के पालन को ज्यादा गंभीर नहीं रही हैं. अब सरकार से मिले एक संकेत के बाद इस दहशत का बढ़ना लाजमी है. दरअसल, मोबाइल पर कर्ज बांटने वालीं कंपनियों की नकेल कसने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सहित वित्तीय क्षेत्र के नियामकों को एक्‍शन की खुली छूट दे दी है. जाहिर है इससे आने वाले दिनों में Paytm जैसी और भी कार्रवाइयों का रास्ता साफ हो गया है. 

निरंतर निगरानी की जरूरत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्री ने ऑनलाइन ऐप के जरिए अनधिकृत कर्ज वितरण के प्रसार पर लगाम लगाने के लिए नियामकों को अतिरिक्त कदम उठाने को कहा है. सीतारमण ने 'वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद' (FSDC) की 28वीं बैठक को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि वित्तीय नियामकों को घरेलू और वैश्विक वित्तीय स्थिति को देखते हुए उभरते वित्तीय स्थिरता जोखिमों का पता लगाने के लिए निरंतर निगरानी बनाए रखनी चाहिए. इस बैठक में ऑनलाइन ऐप के माध्यम से अनधिकृत कर्ज देने के हानिकारक प्रभावों को रोकने पर भी चर्चा की गई. 

ये भी पढ़ें - Paytm पर आखिर किसने कसा तंज, 'फ्रंटपेज खरीदा जा सकता है, लेकिन भरोसा नहीं'?

बढ़ गई है कंपनियों की संख्या
पिछले कुछ वक्त में मोबाइल ऐप के माध्यम से लोन बांटने वाली कंपनियों की बाढ़ आ गई है. चुटकियों में लोन देने का दावा करने वालीं ऐसी अधिकांश कंपनियां बाद में लोन लेने वालों की परेशानी की वजह बन जाती हैं. कुछ ऐसे मामले में भी सामने आ चुके हैं जिनमें पीड़ित ने परेशान होकर गंभीर कदम उठाए हैं. यही वजह है कि सरकार इन पर लगाम लगाने को लेकर गंभीर है. सरकार ने दिसंबर में बताया था कि गूगल ने अप्रैल 2021 से जुलाई 2022 के बीच अपने प्ले स्टोर से धोखाधड़ी में शामिल 2500 से अधिक कर्ज वितरण ऐप को निलंबित या हटा दिया था. अब वित्त मंत्री ने ऐसी कंपनियों की नकेल कसने के लिए नियमों को खुली छूट दे दी है. ऐसे में पूरी संभावना है कि आने वाले दिनों में Paytm जैसी कार्रवाई का सामना कुछ और कंपनियों को करना पड़े.
 


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