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भारत के साथ मिलकर हरित व्यापार को बढ़ावा देगा न्यूजीलैंड, दोनों के बीच साइन हुआ MoU
दिल्ली में आयोजित सातवें वार्षिक ग्रीनप्रो शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के बीच करार हुआ, सम्मेलन में सिंगापुर, जर्मनी सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
हरित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए न्यूजीलैंड ने भारत के साथ समझौता हुआ है. इसके जरिए दोनों देश मिलकर इको लेबल मानकों को सुसंगत बनाने के साथ साथ टिकाऊ प्रथाओं का पालन करने वाले उत्पादों की आसान क्रॉस-पहचान को सक्षम बनाने पर काम करेंगे. भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ग्रीन प्रो और इको चॉइस न्यूजीलैंड ने यह साझेदारी नई दिल्ली के ली मेरिडियन में आयोजित सातवें वार्षिक ग्रीनप्रो शिखर सम्मेलन में की, इस बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए. भारतीय उद्योग परिसंघ के इस सम्मेलन में सिंगापुर और जर्मनी सहित कई देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए.
‘भारत में हरित आंदोलन की तीव्र गति’
उद्घाटन सत्र में CII सोहराबजी गोदरेज ग्रीन बिजनेस सेंटर के अध्यक्ष जमशेद एन गोदरेज ने कहा कि हमें भारत में हरित आंदोलन की तीव्र प्रगति को देखकर गर्व है. इस प्रगति में अब तक 12 बिलियन वर्ग फुट से अधिक रेटेड हरित इमारतें हैं और ग्रीनप्रो जैसी इको-लेबलिंग को अपनाने का सिलसिला काफी तेजी से बढ़ भी रहा है. यह एक स्थायी भविष्य के निर्माण के लिए उद्योग, सरकार और समुदायों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है. हालांकि, इन प्रयासों को बढ़ाने के साथ साथ हरित प्रथाओं को आदर्श बनाने की एक चुनौती भी बनी हुई है. उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि नेट-शून्य की दिशा में हमारी प्रगति को तेज करने और वायु प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने में यह सहयोग महत्वपूर्ण होगा.
सर्कुलर इकोनॉमी को दिया जाएगा बढ़ावा
सम्मेलन में सीआईआई ने बताया कि इस वर्ष के फोकस क्षेत्रों में सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना शामिल है जो आर्थिक लचीलेपन व नवाचार को बढ़ावा देते हुए वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए बहुत जरूरी है. इस सम्मेलन में ग्रीन प्रोक्योरमेंट - नीतियों और वकालत पर भी ध्यान केंद्रित किया जो स्थिरता को बढ़ावा देने के साथ साथ पर्यावरण की रक्षा करने और आर्थिक व सामाजिक लाभ दोनों को चलाने में मदद करता है. सार्वजनिक खरीद हरित उत्पादों, सामग्रियों और प्रौद्योगिकियों की मांग पैदा करके कम कार्बन अर्थव्यवस्था में संक्रमण को तेज कर सकती है.
अभी तक 9500 से अधिक उत्पाद प्रमाणित
इस बीच हरित उत्पाद और सेवा परिषद के अध्यक्ष उन्नीकृष्णन ने कहा कि ग्रीनप्रो समिट 2024 एक ऐसा मंच है जहां टिकाऊ प्रथाओं में अंतर्दृष्टि साझा की जाती है जो ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को हरित आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित करती है. 450 से अधिक कंपनियां पहले से ही ग्रीनप्रो इकोलेबल को अपना रही हैं. कार्यक्रम में बताया कि साल 2015 से अब तक ग्रीन प्रो ने करीब 480 निर्माता कंपनियों से भी ज्यादा के 9500 से अधिक उत्पादों को प्रमाणित किया है.
60 से अधिक संगठनों को दिए गए पुरस्कार
सम्मेलन के दौरान विभिन्न उद्योगों के 60 से अधिक संगठनों को उनके उत्पादों के लिए ग्रीनप्रो इको लेबलिंग पुरस्कार दिए गए जो पर्यावरणीय स्थिरता, जिम्मेदार उपभोग और हरित बाजार प्रथाओं का समर्थन करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. विजेताओं में शामिल वोल्वो ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कमल बाली ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए कहा, “वोल्वो ग्रुप में हम मानते हैं कि हरित परिवर्तन में सच्चा नेतृत्व साझेदारी और नवाचार में निहित है. कोई भी इकाई इस परिवर्तन को अकेले नहीं चला सकती और न ही इसे पारंपरिक तरीकों पर भरोसा करके हासिल किया जा सकता है. मजबूत सहयोग और दूरदर्शी समाधानों के जरिए हम एक टिकाऊ और जीवाश्म-मुक्त भविष्य की ओर मार्ग प्रशस्त करते हैं.
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