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प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में मुंबई ने बनाया नया रिकॉर्ड, जनवरी से अप्रैल 2025 के बीच हुए 52,896 रजिस्ट्रेशन

जनवरी-अप्रैल 2025 के दौरान मुंबई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में आई तेजी, इस बात का संकेत है कि बाजार में महंगे घरों की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

वैश्विक आर्थिक मंदी और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, मुंबई ने 2025 के पहले चार महीनों (जनवरी से अप्रैल) में संपत्ति पंजीकरण के क्षेत्र में अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा दर्ज किया है. महाराष्ट्र राज्य राजस्व विभाग के अनुसार, इस अवधि में न केवल संपत्ति पंजीकरण की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, बल्कि इससे हुई राजस्व वसूली भी ऐतिहासिक रही है.

इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन (IGR), महाराष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में जनवरी से अप्रैल 2025 के बीच लगभग 52,896 संपत्तियों का पंजीकरण हुआ, जो कि 2024 की इसी अवधि में हुए 48,819 रजिस्ट्रेशन की तुलना में 8% की वार्षिक वृद्धि है.

इसी अवधि में राज्य सरकार को संपत्ति पंजीकरण से लगभग ₹4,633 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि 2024 की समान अवधि में यह आंकड़ा ₹3,826 करोड़ था. यानी 21% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है. गहन विश्लेषण से पता चलता है कि अप्रैल 2025 में पिछले सात वर्षों (2019 से) में इस महीने में सबसे अधिक संपत्ति पंजीकरण दर्ज किए गए, जिसमें 13,080 से अधिक संपत्तियां पंजीकृत हुईं. अप्रैल 2025 में एकत्रित राजस्व लगभग 1,115 करोड़ रुपये था. इसकी तुलना में, अप्रैल 2024 में लगभग 11,648 संपत्ति पंजीकरण हुए - जो इस वर्ष की तुलना में लगभग 12% कम है. पिछले साल राजस्व संग्रह भी लगभग 5% कम था.

मार्च में उछाल के दम पर पंजीकरण में तेजी

हालांकि वर्ष 2025 की पहली तिमाही (Q1) में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) सहित मुंबई में आवास बिक्री की रफ्तार धीमी रही, फिर भी साल के पहले चार महीनों में संपत्ति पंजीकरण की संख्या काफी उल्लेखनीय रही है. ANAROCK रिसर्च के अनुसार, Q1 2025 में मुंबई में लगभग 21,930 इकाइयाँ बेची गईं, जो Q1 2024 की तुलना में लगभग 28% कम है.

ANAROCK ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है, “इस अवधि में संपत्ति पंजीकरण में आई तेजी का एक प्रमुख कारण मार्च 2025 में रिकॉर्ड तोड़ गतिविधि रही, जब 15,501 संपत्तियों का पंजीकरण हुआ. यह उछाल महाराष्ट्र सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेडी रेकनर दरों में 3.9% की वृद्धि की घोषणा के तुरंत बाद आया. मार्च 2025 में हुए पंजीकरण, पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक थे. इससे पहले, दिसंबर 2020 में 19,581 और मार्च 2021 में 17,728 पंजीकरण दर्ज किए गए थे.”

मार्च 2021 वह समय था जब कोरोना महामारी के बीच महाराष्ट्र सरकार ने स्टांप ड्यूटी 5% से घटाकर 2-3% कर दी थी, जिससे रियल एस्टेट बाजार में तेजी आई थी. आमतौर पर मार्च में वित्तीय वर्ष के अंत के कारण रजिस्ट्रेशन की संख्या अधिक रहती है, लेकिन मार्च 2025 विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा. केवल मार्च माह में संपत्ति पंजीकरण से राजस्व ₹1,589 करोड़ से भी अधिक रहा.

ANAROCK और IGR डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि जनवरी से अप्रैल 2025 के दौरान बिक्री हुई संपत्तियों की औसत कीमत ₹1.57 करोड़ रही, जो कि 2023 और 2024 की औसत कीमत ₹1.56 करोड़ के लगभग बराबर है. इसी अवधि में 2021 में यह औसत केवल ₹1.02 करोड़ था, यानी 2021 से 2025 के बीच इस अवधि में 54% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

अनुज पुरी का कहना है, “इसका सीधा अर्थ यह है कि 2025 में अब भी अपेक्षाकृत महंगे घरों की बिक्री ज्यादा हो रही है, जबकि किफायती श्रेणियों की मांग पीछे छूट रही है.”


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