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मुकेश अंबानी की कंपनी को SEBI से मिली हरी झंडी, ₹37,700 करोड़ जुटाने की तैयारी
Jio Platforms के प्रस्तावित IPO को SEBI की मंजूरी मिल गई है. करीब ₹37,700 करोड़ के इस इश्यू के जरिए कंपनी नए शेयर जारी कर पूंजी जुटाएगी. IPO आने के बाद यह देश के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 18 minutes ago
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार से जुड़ी कंपनी जियो (Jio Platforms) के बहुप्रतीक्षित IPO का रास्ता साफ हो गया है. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी के प्रस्तावित पब्लिक इश्यू को मंजूरी दे दी है. कंपनी इस IPO के जरिए करीब ₹37,700 करोड़ जुटाने की तैयारी में है. इश्यू का अंतिम आकार, प्राइस बैंड और लॉन्च की तारीख अभी तय नहीं हुई है.
अगर IPO इसी आकार के साथ बाजार में आता है, तो यह भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है. करीब 3 अरब डॉलर के संभावित इश्यू साइज के साथ जियो का सार्वजनिक निर्गम हुंडई मोटर इंडिया के IPO के आकार को पीछे छोड़ सकता है.
पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा IPO
जियो प्लेफॉर्म्स का प्रस्तावित IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा. कंपनी अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी कर सकती है. इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का हिस्सा नहीं होगा. इसका मतलब है कि IPO से जुटाई गई रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी और मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचकर रकम नहीं जुटाएंगे.
प्रस्तावित इश्यू में अधिकतम 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए आरक्षित किया जा सकता है, जबकि कम से कम 35 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रखा जा सकता है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों और कर्मचारियों के लिए आरक्षण से जुड़ी अंतिम जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
IPO की रकम से चुकाया जाएगा कर्ज
जियो की ओर से SEBI के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, IPO से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा उसकी सब्सिडियरी रिलायंस जियो इंफोकॉम (RJIL) के कर्ज को समय से पहले चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा. कंपनी करीब ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल RJIL के कुछ बकाया कर्ज के प्रीपेमेंट के लिए करने की योजना बना रही है. बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा.
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43% हिस्सेदारी
जियो में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे बड़ी शेयरधारक है और उसकी करीब 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है. मेटा की अप्रत्यक्ष सब्सिडियरी जाधू होलीडेज (Jaadhu Holidays) के पास करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि गूगल इंटरनेशनल (Google International LLC) की हिस्सेदारी करीब 8 फीसदी है. जियो के IPO को लेकर बाजार में लंबे समय से चर्चा थी. कंपनी ने 19 जून को सेबीके पास DRHP दाखिल किया था. अब नियामक की मंजूरी मिलने के बाद IPO की अगली प्रक्रिया शुरू होगी.
अभी तय नहीं हुआ प्राइस बैंड और तारीख
सेबी की मंजूरी मिलने के बावजूद निवेशकों को IPO की लॉन्च तारीख और शेयर के प्राइस बैंड के लिए अभी इंतजार करना होगा. कंपनी ने इनका अंतिम ऐलान नहीं किया है. इश्यू का अंतिम आकार भी बाजार में आने से पहले बदल सकता है. ऐसे में जियो का IPO कब खुलेगा, कितने रुपये का प्राइस बैंड होगा और कंपनी का अंतिम वैल्यूएशन कितना तय होगा, इन सवालों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी.
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