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अनुमानों को पछाड़ 7.8% की रफ्तार से दौड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था, निवेश और मैन्युफैक्चरिंग ने दिया जोरदार सहारा
पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही, जो RBI समेत ज्यादातर अनुमानों से बेहतर है. मजबूत विनिर्माण, सेवा गतिविधियों और निवेश मांग ने अर्थव्यवस्था की रफ्तार को बनाए रखा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 39 minutes ago
भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7.8 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी रही, जबकि विभिन्न एजेंसियों ने इसके 6.9 फीसदी से 8 फीसदी के बीच रहने का अनुमान जताया था. भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान 7 फीसदी था. हालांकि, यह वृद्धि पिछली तिमाही के 8.6 फीसदी के मुकाबले कम रही, लेकिन वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया संकट के बीच 7.8 फीसदी की ग्रोथ को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
GVA ग्रोथ GDP से रही ज्यादा
पहली तिमाही में सकल मूल्य वर्धन (GVA) की वृद्धि दर 8.2 फीसदी रही. GVA की यह वृद्धि वास्तविक GDP ग्रोथ से अधिक है. वहीं, जून तिमाही में नॉमिनल GDP 10.3 फीसदी बढ़ी, जबकि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इसकी वृद्धि दर 9.1 फीसदी रही थी.
निवेश मांग में जोरदार तेजी
GDP के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में निवेश मांग में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली. सकल स्थिर पूंजी निर्माण से जुड़े संकेतकों के आधार पर निवेश मांग 11.9 फीसदी बढ़ी. इससे पता चलता है कि कंपनियों और कारोबारों की ओर से आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को लेकर भरोसा मजबूत बना हुआ है. इस दौरान निजी अंतिम उपभोग व्यय 7.1 फीसदी बढ़ा. हालांकि, सरकारी खर्च की वृद्धि दर 4.3 फीसदी रही, जो पिछली मार्च तिमाही के मुकाबले धीमी है.
पिछले आंकड़ों में भी हुआ संशोधन
सांख्यिकी मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2023, वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2026 के तिमाही और वार्षिक राष्ट्रीय आय के आंकड़ों में भी संशोधन किया है. नए आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) और 2022-23 को आधार वर्ष मानकर तैयार किए गए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक को संशोधित आंकड़ों में शामिल किया गया है. सबसे महत्वपूर्ण संशोधन वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के GDP आंकड़ों में हुआ है. मार्च तिमाही की GDP ग्रोथ को पहले के 7.8 फीसदी के अनुमान से बढ़ाकर 8.6 फीसदी कर दिया गया है.
PM मोदी ने बताया 'असाधारण उपलब्धि'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी GDP वृद्धि को 'असाधारण उपलब्धि' बताया. उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत वृद्धि दर्ज की है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी GDP के मजबूत आंकड़ों का श्रेय देश के लोगों की मेहनत और सरकार के आर्थिक सुधारों को दिया. उन्होंने कहा कि सरकार के सुधारों और अर्थव्यवस्था के कुशल प्रबंधन के परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं.
विनिर्माण और सेवा क्षेत्र बने ग्रोथ के प्रमुख आधार
डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार के मुताबिक, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में व्यापक मजबूती से संकेत मिलता है कि कंपनियां मजबूत मांग की उम्मीद में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रही थीं. इन दोनों क्षेत्रों का बेहतर प्रदर्शन जून तिमाही में आर्थिक वृद्धि के प्रमुख आधारों में रहा. हालांकि, विशेषज्ञों ने आने वाली तिमाहियों को लेकर कुछ जोखिम भी जताए हैं. केयरएज रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा के मुताबिक, आने वाली तिमाहियों में आर्थिक वृद्धि में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है. भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार नीति को लेकर अनिश्चितता वैश्विक जोखिमों को बढ़ा सकती है, जिसका असर भारत की ग्रोथ पर भी पड़ सकता है. इसके बावजूद, जून तिमाही के 7.8 फीसदी के आंकड़े से यह संकेत मिलता है कि घरेलू मांग, निवेश और प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों की मजबूती ने वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया है.
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