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मोतीलाल ओसवाल और रामदेव अग्रवाल ने Zepto में खरीदे 10 करोड़ डॉलर के शेयर

ज़ेप्टो तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स मार्केट में जोमैटो की ब्लिंकइट को टक्कर दे रही है. Zepto एक ऐसी फर्म बनना चाहती है, जिसका मालिकाना हक मुख्य रूप से भारतीय निवेशकों के पास हो.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के संस्थापक मोतीलाल ओसवाल और रामदेव अग्रवाल ने फास्ट डिलीवरी कंपनी जेप्टो में व्यक्तिगत तौर पर 50-50 मिलियन डॉलर (कुल 100 मिलियन डॉलर) का निवेश किया है. यह सौदा जेप्टो के कुछ शुरुआती विदेशी निवेशकों से शेयर खरीदकर किया गया है. कंपनी का लक्ष्य 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में आईपीओ से पहले 50% से अधिक भारतीय स्वामित्व हासिल करना है.

'भारतीय कंपनी' होती जा रही है Zepto

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ज़ेप्टो अब इस कोशिश में है कि कंपनी में ज़्यादातर हिस्सेदारी भारतीय निवेशकों की हो जाए. इसी कड़ी में मोतीलाल ओसवाल की कंपनी खुद भी ज़ेप्टो में 250 मिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है. इसमें एडलवाइस (Edelweiss) और हीरो फिनकॉर्प (Hero Fincorp) जैसी भारतीय कंपनियां भी हिस्सा लेंगी. इन डील्स के बाद ज़ेप्टो की कुल वैल्यू अभी भी 5 बिलियन डॉलर बनी हुई है. कंपनी अपने विदेशी निवेशकों से शेयर लेकर भारतीयों को दे रही है, ताकि वह एक भारतीय कंपनी मानी जाए, जिससे उसे बिजनेस में कई नई सहूलियतें मिल सकें.

ब्लिंकइट ने पहले ही कर लिया ये काम

ज़ेप्टो की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी ब्लिंकइट इस दिशा में पहले ही कदम बढ़ा चुकी है. ब्लिंकइट अब खुद ही अपना माल स्टोर करेगी, यानी वो कंपनी अब सामान की पूरी ज़िम्मेदारी खुद उठाएगी. ब्लिंकइट ने बताया है कि वो अब एक भारतीय स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली कंपनी (IOCC) बन चुकी है, जिससे उसे इन्वेंट्री रखने की इजाज़त मिल गई है. इससे कंपनी को लंबे समय में मजबूती मिलेगी.

हालांकि Swiggy की दूसरी सर्विस इंस्टामार्ट अभी इस मॉडल को अपनाने के पक्ष में नहीं है. उनके CFO ने बताया कि अभी ऐसा करना बिजनेस के लिहाज़ से बहुत फायदेमंद नहीं है, लेकिन भविष्य में वे भी ऐसा कर सकते हैं. क्विक कॉमर्स की देश में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी ज़ेप्टो इस समय बहुत तेजी से पैसा जुटा रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि क्विक कॉमर्स मार्केट बहुत तेजी से बढ़ रहा है और सभी निवेशक इसका हिस्सा बनना चाहते हैं.
 


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