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अडानी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड में हुआ इन दो कंपनियों का मर्जर, जानिए क्या है आगे का प्लान?
स्टॉक एक्सचेंजों के पास रेगुलेटरी फाइलिंग में अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने इन दो कंपनियों के विलय की जानकारी दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अडानी समूह (Adani Group) की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises Limited) ने अपनी दो स्टेप-डाउन सब्सिडियरी कंपनियां अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और मुंद्रा सोलर टेक्नोलॉजी लिमिटेड को समूह के दूसरी सब्सिडियरी कंपनी अडानी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड में विलय करने का फैसला किया है. एक अक्टूबर 2024 से ये विलय अस्तित्व में आ गया है.
दो कंपनियों का अडानी ग्रुप में हुआ मर्जर
स्टॉक एक्सचेंजों के पास रेगुलेटरी फाइलिंग में अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने बताया कि अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (Adani Infrastructure Private Limited) और मुंद्रा सोलर टेक्नोलॉजी लिमिटेड (Mundra Solar Technology Limited) कंपनी की सब्सिडियरी अडानी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Adani New Industries Limited) में विलय करने का फैसला किया है. अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड एक रियल एस्टेट कंपनी है जो थर्मल और सोल पावर प्रोजेक्ट्स को डेवलप करने के साथ ईपीसी सर्विसेज प्रदान करती है.
मुंद्रा सोलर टेक्नोलॉजी लिमिटेड बिजली प्रोडेक्शन, कलेक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी है. अडानी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड समूह की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज की सब्सिडियरी कंपनी है. ये कंपनी ग्रीन हाईड्रोजन, विंड टर्बाइंस, सोलर मॉड्यूल्स और बैटरीज की मैन्युफैक्चरिंग करती है.
QIP के जरिए 1.3 बिलियन डॉलर जुटाएगी कंपनी
अडानी एंटरप्राइजेज क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट के जरिए 1.3 बिलियन डॉलर के करीब जुटा सकती है जिसकी शुरुआत अगले हफ्ते 7 अक्टूबर से होने की उम्मीद है. मई 2024 में अडानी एंटरप्राइजेज के बोर्ड ने शेयर बेचकर 2 बिलियन डॉलर जुटाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी. 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के सामने आने के बाद अडानी एंटरप्राइजेज को 20,000 करोड़ रुपये का एफपीओ को वापस लेना पड़ा था. तब अडानी एंटरप्राइजेज का स्टॉक गिरकर 3 फरवरी 2023 को गिरकर 1017 रुपये तक नीचे जा लुढ़का था. लेकिन उस लेवल से स्टॉक ने शानदार वापसी की है.
क्या है मर्जर के पीछे का प्लान?
कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि इस योजना का मकसद सोलर सेल एवं मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग के लिए अपना सप्लाई सिस्टम तैयार करना है. ANIL इस समय पॉलिसिलिकन वेफर, सिल्ली, सेल एवं मॉड्यूल बना रही है जिनका इस्तेमाल सोलर मॉड्यूल और तैयार उत्पादों में होता है.
इस बारे में कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि ‘सौर ऊर्जा परियोजना में काम आने वाले कई पुर्जे ऐसे हैं जिनका हम आयात करते हैं. दो कंपनियां सोलर ग्लास जरूर बना रही है मगर इससे जरूरत पूरी नहीं हो रही है. इसे देखते हुए हम स्वयं इसे तैयार करना चाहते हैं.’
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