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Marico का मुनाफा 8 फीसदी और आय 20 फीसदी बढ़ी, ₹7 डिविडेंड का भी किया ऐलान

पूरे वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान मैरिको का शुद्ध मुनाफा 1,658 करोड़ रुपये रहा. ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10,831 करोड़ रुपये हो गया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

बीएसई 100 में शामिल Marico ने अपने तिमाही नतीजे पेश कर दिए हैं. कंपनी का मुनाफा और आय अनुमान से बेहतर रहे हैं. शुक्रवार को जारी नतीजे के मुताबिक मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 8 फीसदी बढ़ा है. वहीं आय में 20 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है. एबिटडा में पिछले साल के मुकाबले करीब 4 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई है.वहीं कंपनी के तिमाही मार्जिन पिछले साल के मुकाबले नीचे आए हैं.

डिविडेंड के लिए क्या है रिकॉर्ड डेट

कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 7 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है. इस पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी 8 अगस्त को होने वाली कंपनी की 37वीं सालाना आम बैठक में ली जाएगी. मंजूरी मिलने के बाद डिविडेंड का पेमेंट 7 सितंबर 2025 को या उससे पहले कर दिया जाएगा. डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 1 अगस्त 2025 है. इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे. इससे पहले कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए इस साल जनवरी में 3.50 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया था.

मारिको को आगे भी अच्छे दिन आने की उम्मीद

मार्च तिमाही में कंपनी का EBITDA ₹458 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 4% ज्यादा है. हालांकि मार्जिन में थोड़ी गिरावट आई और यह 19.4% से घटकर 16.8% पर आ गया. सालाना प्रदर्शन की बात करें तो, कंपनी की कमाई ₹10,831 करोड़ पहुंच गई, जो कि 12% की बढ़त है. वहीं, शुद्ध मुनाफा ₹1,593 करोड़ रहा, जिसमें 8% की बढ़ोत्तरी. मारिको को आगे भी अच्छे दिन आने की उम्मीद है. कंपनी ने कहा है कि खाद्य और खुदरा महंगाई में कमी, सरकारी योजनाएं,MSP में बढ़ोतरी, और अच्छे मानसून के अनुमान से अगले साल ग्रामीण बाजारों में मांग और भी सुधरेगी.

मारिको को मुनाफा तो मिला, लेकिन बढ़ती लागत ने मार्जिन पर डाला ब्रेक

पैराशूट और सफोला जैसे भरोसेमंद ब्रांड्स के लिए पहचानी जाने वाली मारिको ने मार्च तिमाही में मुनाफा तो कमाया, लेकिन बढ़ती लागत ने कंपनी की ग्रॉस मार्जिन पर असर डाला. कोप्रा और वेजिटेबल ऑयल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के चलते कंपनी का मार्जिन 300 बेसिस प्वाइंट गिर गया. हालांकि, कंपनी ने कीमतों में कुछ बदलाव कर इस असर को थोड़ा कंट्रोल करने की कोशिश की. कंपनी ने अपने ब्रांड्स को मजबूत बनाने और नए प्रोडक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए विज्ञापन और प्रमोशन (A&P) पर भी जोरदार खर्च किया. मार्च तिमाही में A&P खर्च में 35% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पूरे साल में यह खर्च 18% बढ़ा.
 


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