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'आशीर्वाद' पर कार्रवाई से 'मणप्पुरम' के शेयरों में सुनामी, ये रिश्ता क्या कहलाता है?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कल कुछ कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी. इसमें आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड का नाम भी शामिल है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चार नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके लोन बांटने पर रोक लगा दी है. इन चार कंपनियों में चेन्नई की आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड, कोलकाता की आरोहन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, दिल्ली की DMI फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड और बेंगलुरु की नवी फिनसर्व लिमिटेड शामिल हैं. RBI की इस कार्रवाई से गोल्ड फाइनेंसिंग कंपनी मणप्पुरम फाइनेंस के शेयरों में सुनामी आ गई है. दरअसल, आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस की सब्सिडियरी है. ऐसे में उस पर हुए एक्शन का प्रभाव मणप्पुरम फाइनेंस पर पड़ना लाजमी है. इसी आशंका में कंपनी के शेयर गिर रहे हैं.
सब्सिडियरी में इतनी हिस्सेदारी
रिजर्व बैंक की कार्रवाई की खबर कल बाजार बंद होने के बाद आई थी. आज जैसे ही मार्केट खुला मणप्पुरम फाइनेंस के शेयर गोता लगाने लगे. खबर लिखे जाने तक इसमें 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ गई थी. 154.22 रुपए के भाव पर मिल रहा ये शेयर पहले ही नरमी का अनुभव कर रहा था और RBI की कार्रवाई ने उसकी कमर तोड़ दी है. केंद्रीय बैंक के इस एक्शन के बाद ब्रोकरेज फर्मों ने मणप्पुरम फाइनेंस को लेकर अपने रुझान बदल दिए हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने इस शेयर की आउटपरफॉर्म रेटिंग में भले ही कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन टार्गेट प्राइज को 240 रुपए से घटाकर 200 रुपए कर दिया है. फर्म ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि मणप्पुरम के ओवरऑल AMU (एसेट अंडर मैनेजमेंट) में आशीर्वाद की लगभग 25% हिस्सेदारी है.
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?
वहीं, मॉर्गन स्टेनली ने मणप्पुरम की रेटिंग घटाते हुए इसका टार्गेट प्राइज कम करके 170 रुपए कर दिया है. ब्रोकरेज का कहना है कि आरबीआई की कार्रवाई से कंपनी का मुनाफा लंबे समय तक प्रभावित रह सकता है. इसी तरह, जेफरीज ने भी इसकी रेटिंग घटाकर होल्ड कर दी है और टार्गेट प्राइज 167 रुपए कर दिया है. फर्म का कहना है कि यदि माइक्रोफाइनेंस लोन समाप्त होते हैं और डिफॉल्ट बढ़ता है, तो मणप्पुरम के लिए अपनी सब्सिडियरी में निवेश करना आवश्यक हो जाएगा. ऐसी स्थिति में मणप्पुरम की ओवरऑल कमाई प्रभावित हो सकती है. आरबीआई की तरफ से बताया गया है कि जिन चार कंपनियों पर कार्रवाई की गई है, उनकी ओर से ग्राहकों से वसूली जा रही ब्याज दरों (WALR) और ब्याज में अंतरबहुत ज्यादा पाया गया है. ये कंपनियां 21 अक्टूबर 2024 से लोन नहीं दे पाएंगी.
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