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मेक इन इंडिया: पहली बार हुआ कुछ ऐसा, जिसे जानकर आपको होगा गर्व
अमेरिकी नौसैनिक पोत ‘चार्ल्स ड्रयू’ मरम्मत कार्य के लिए रविवार को चेन्नई के कट्टूपल्ली में ‘लार्सन एंड टुब्रो’ कंपनी के शिपयार्ड पहुंचा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मोदी सरकार 'मेक इन इंडिया' (Make in India) अभियान पर जोर दे रही है. ताकि घरेलू कंपनियों को प्रोत्साहित किया जा सके. ये अभियान को सफल बनाने के लिए की जा रहीं कोशिशों का ही नतीजा है कि अमेरिकी नौसेना का एक जगह मरम्मत के लिए चेन्नई आया है. यह पहली बार है, जब कोई अमेरिकी पोत मरम्मत के लिए भारत पहुंचा है.
इस शिपयार्ड में होगी मरम्मत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी नौसैनिक पोत ‘चार्ल्स ड्रयू’ मरम्मत कार्य के लिए रविवार को चेन्नई के कट्टूपल्ली में ‘लार्सन एंड टुब्रो’ (एलएंडटी) कंपनी के शिपयार्ड पहुंचा. रक्षा मंत्रालय ने इसे 'मेक इन इंडिया' के लिए उत्साहजनक करार देते हुए कहा कि इस कदम ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में एक नया आयाम जोड़ दिया है. यूएस का यह पोत मरम्मत के लिए 11 दिन तक कट्टूपल्ली के शिपयार्ड में रहेगा. बता दें कि यह जहाज अमेरिकी नौसेना को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जंगी बेड़े के संचालन में अहम सहयोग देता है.
भारत के रुख की वजह
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह पहली बार है, जब अमेरिकी नौसेना का कोई जहाज मरम्मत के लिए भारत आया है. US Navy ने जहाज के रखरखाव के लिए कट्टुपल्ली में एलएंडटी के शिपयार्ड को ठेका दिया है. यह कदम वैश्विक जहाज मरम्मत बाजार में भारतीय शिपयार्ड की क्षमताओं को दर्शाता है. भारतीय शिपयार्ड जहाज मरम्मत और रखरखाव के लिए उन्नत समुद्री प्रौद्योगिकी इस्तेमाल करते हैं और उनकी सेवाएं किफायती होती हैं. इसलिए विदेशी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं.
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