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महाराष्ट्र की लाड़ली बहनों के खातों में इस बार नहीं आएगा पैसा, आखिर क्या है वजह?
चुनाव आयोग महाराष्ट्र में चुनाव तारीख का ऐलान कर चुका है. 20 नवंबर को महाराष्ट्र की जनता अपनी सरकार का चुनाव करेगी और 23 नवंबर को वोटों की गिनती होगी
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
जनता को लुभाने के लिए मुफ्त की रेवड़ियां बांटने में कोई पीछे नहीं है. भाजपा इसके लिए आम आदमी पार्टी (AAP) पर हमले बोलती रहती है, लेकिन वो खुद इसी रास्ते पर है. भाजपा शासित राज्यों - मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में महिलाओं को मुफ्त में पैसा बांटने की योजनाएं चल रही हैं. शिवराज सिंह के मुख्यमंत्री रहते मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपए देने के लिए लाड़ली बहन योजना की शुरुआत की थी. इसी तर्ज पर महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने कुछ महीने पहले लाडकी बहिन योजना का ऐलान किया.
2.4 करोड़ लाभार्थी
महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना के तहत अब तक 2.4 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को पांच महीने की किश्त मिल चुकी है. हालांकि, अब उन्हें चुनाव बीतने के बाद ही योजना का पैसा मिलेगा. दरअसल, चुनाव आयोग के विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आचार सहिंता लागू हो गई है. चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे सरकार को आचार संहिता अवधि के दौरान मतदाताओं को सीधे प्रभावित करने वाली वित्तीय योजनाओं को बंद करने का निर्देश दिया है. इसलिए महिलाओं को अगली किश्त के लिए चुनाव बीतने का इंतजार करना होगा.
नहीं मिलेगा बोनस
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार राज्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से इस योजना के लिए आवश्यक धनराशि रोक दी गई है. वैसे, सरकार ने होशियारी दिखाते हुए अक्टूबर और नवंबर महीने का भुगतान एक साथ कर दिया था. लेकिन सरकार ने बोनस की जो घोषणा की थी, वो फिलहाल पूरी नहीं हो पाएगी. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने योजना की लाभार्थियों को दिवाली के मौके पर बतौर बोनस तीन हजार से लेकर 55 सौ रुपए तक देने की बात कही थी.
जून में हुई थी घोषणा
महाराष्ट्र सरकार ने 27 जून को अपने बजट में लाडकी बहिन योजना या मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना की घोषणा की थी. बजट में महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए देने की बात कही गई थी. इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की आर्थिक रूप से वंचित महिलाओं को सरकार हर महीने 1500 रुपए देगी. सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 46000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को महाराष्ट्र राज्य का स्थायी निवासी होना जरूरी है. सभी विवाहित, अविवाहित, परित्यक्ता, तलाकशुदा और निराश्रित महिलाएं पात्र हैं. आवेदक का किसी भी बैंक में अपने नाम से बैंक खाता होना चाहिए. आवेदकों की पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए.
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